वित्त वर्ष 27 में घरेलू खपत से तेज होगी भारत की विकास दर, जीडीपी वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान : रिपोर्ट

वित्त वर्ष 27 में घरेलू खपत से तेज होगी भारत की विकास दर, जीडीपी वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान : रिपोर्ट

वित्त वर्ष 27 में घरेलू खपत से तेज होगी भारत की विकास दर, जीडीपी वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान : रिपोर्ट

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IANS
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India’s domestic consumption to drive 7.2 pc real GDP growth in FY27: Report

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 6 जनवरी (आईएएनएस)। वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की आर्थिक वृद्धि का मुख्य आधार घरेलू खपत और कर्ज रहेगा। इस दौरान देश की वास्तविक (रियल) जीडीपी वृद्धि दर लगभग 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि नॉमिनल जीडीपी में करीब 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। यह जानकारी मंगलवार को जारी एसबीआई म्यूचुअल फंड की रिपोर्ट में सामने आई है।

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एसबीआई म्यूचुअल फंड की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2026-27 में बैंक कर्ज की वृद्धि 13 से 14 प्रतिशत तक हो सकती है। बैंक कर्ज की वृद्धि दर इस साल मई में 9 प्रतिशत से बढ़कर नवंबर 2025 तक 11.4 प्रतिशत हो चुकी है। वहीं वर्ष 2025-26 में कुल कर्ज वृद्धि 10.5 से 11 प्रतिशत रहने की संभावना है।

रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले समय में घरेलू परिवारों का कर्ज कंपनियों के कर्ज से ज्यादा तेजी से बढ़ेगा। जिन क्षेत्रों में कर्ज पर आधारित मांग और बेहतर उत्पादों की मांग है, वे अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।

रिपोर्ट में बताया गया कि वर्ष 2025-26 में भारत की वास्तविक आर्थिक वृद्धि लगभग 7.5 प्रतिशत रही। हालांकि, निर्यात अभी भी सबसे कमजोर कड़ी बना हुआ है, लेकिन अच्छी बात यह है कि महंगाई नियंत्रण में है।

म्यूचुअल फंड हाउस का मानना है कि शेयर बाजार में 2025 का रुझान 2026 में भी जारी रह सकता है। उभरते बाजारों के शेयर और औद्योगिक वस्तुएं बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं, क्योंकि वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत मिल रहे हैं।

फंड हाउस ने बिजली, गैस परिवहन, पूंजीगत वस्तुएं, सीमेंट और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों को निवेश के लिए बेहतर बताया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2026-27 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई करीब 4 प्रतिशत रह सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक की नीतियों में बड़े बदलाव की संभावना कम है।

सरकारी बॉन्ड की आपूर्ति बढ़कर 29 लाख करोड़ रुपए तक जा सकती है, जबकि रुपए की गिरावट की गति कम होकर वित्त वर्ष 2027 में लगभग 2 प्रतिशत तक कमजोर होकर 92 रुपए प्रति अमेरिकी डॉलर के करीब पहुंच सकता है।

रिपोर्ट में बताया गया कि टैरिफ के बावजूद वैश्विक आर्थिक स्थिति अभी तक मजबूत बनी हुई है। अमेरिका में एआई से जुड़े निवेश और ढीली सरकारी नीतियों से विकास को सहारा मिला है। इसके साथ ही रिपोर्ट में कहा गया है कि यूरोप में सरकारी खर्च बढ़ा है, जबकि चीन अभी भी निर्यात पर निर्भर बना हुआ है।

--आईएएनएस

डीबीपी/एबीएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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