भारतीय रेलवे का पूंजीगत खर्च अप्रैल-दिसंबर अवधि में 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक रहा

भारतीय रेलवे का पूंजीगत खर्च अप्रैल-दिसंबर अवधि में 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक रहा

भारतीय रेलवे का पूंजीगत खर्च अप्रैल-दिसंबर अवधि में 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक रहा

author-image
IANS
New Update
Engineers Install Girder on Suri-Bolpur Rail Overbridge

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 5 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय रेलवे ने चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-दिसंबर अवधि में अपने आवंटित पूंजीगत खर्च में 80.54 यानी 2,03,138 करोड़ रुपए खर्च कर दिए हैं। यह जानकारी सरकार की ओर से सोमवार को दी गई।

Advertisment

आम बजट 2025-26 में सरकार की ओर से रेलवे को पूंजीगत खर्च के लिए 2,52,200 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे।

रेलवे मंत्रालय ने कहा कि यह आवंटित पूंजीगत खर्च के व्यय में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 6.54 प्रतिशत की तेज वृद्धि को दिखाता है।

चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-दिसंबर अवधि में पूंजीगत खर्च मुख्य रूप से सुरक्षा उपायों, क्षमता बढ़ाने, इंफ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं पर केंद्रित रहा है।

मंत्रालय के अनुसार, सुरक्षा से जुड़े कामों की कैटेगरी में, आवंटित फंड का 84 प्रतिशत इस्तेमाल किया गया है।

क्षमता बढ़ाने के लिए, आवंटित 1,09,238 करोड़ रुपए में से 76,048 करोड़ रुपए (69 प्रतिशत) खर्च किए गए हैं। ग्राहक सुविधाओं में आवंटित पूंजीगत खर्च का 80 प्रतिशत उपयोग हुआ है, जिसमें दिसंबर 2025 तक 9,575 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।

पिछले दस सालों में लगातार किए गए पूंजीगत खर्च का ही नतीजा है कि देश में 164 वंदे भारत ट्रेनें और 30 अमृत भारत ट्रेनें चल रही हैं। साथ ही इससे कवच ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लागू किया गया है, ब्रॉड-गेज नेटवर्क का 99 प्रतिशत से ज्यादा का इलेक्ट्रिफिकेशन किया गया है और नई लाइनें, गेज कन्वर्जन, ट्रैक डबलिंग, ट्रैफिक सुविधाएं और मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट सिस्टम जैसे बड़े क्षेत्रों में काम किया गया है।

मंत्रालय ने कहा, इन कोशिशों से स्पीड, सेफ्टी और पैसेंजर कम्फर्ट में काफी सुधार हुआ है, साथ ही रेल यात्रा सस्ती भी रही है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के जल्द ही शुरू होने के साथ, इंडियन रेलवे बदलने के लिए तैयार है।

रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि भारत को अपनी पहली बुलेट ट्रेन 15 अगस्त, 2027 को मिलेगी। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट मुंबई और अहमदाबाद के बीच 508 किलोमीटर लंबा है। इसमें से 352 किलोमीटर गुजरात और दादरा और नगर हवेली में है, और 156 किलोमीटर महाराष्ट्र में है।

नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अनुसार, कॉरिडोर का 85 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा - लगभग 465 किलोमीटर - एलिवेटेड वायाडक्ट्स पर बनाया जा रहा है, जिसमें से 326 किलोमीटर पहले ही पूरा हो चुका है।

--आईएएनएस

एबीएस/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Advertisment