2026 में भारतीय शेयर बाजार की मजबूत शुरुआत, आम बजट से मिलेगी नीतिगत स्थिरता

2026 में भारतीय शेयर बाजार की मजबूत शुरुआत, आम बजट से मिलेगी नीतिगत स्थिरता

2026 में भारतीय शेयर बाजार की मजबूत शुरुआत, आम बजट से मिलेगी नीतिगत स्थिरता

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IANS
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Indian equities enter 2026 on firmer footing; Budget 2026 to reinforce policy continuity

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

मुंबई, 14 जनवरी (आईएएनएस)। बुधवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार साल भर की स्थिरता के बाद अब 2026 में मजबूत स्थिति में प्रवेश कर रहा है, जिसमें शेयरों के बेहतर मूल्यांकन, कमाई को लेकर वास्तविक उम्मीदें और देश की मजबूत आर्थिक स्थिति सकारात्मक दृष्टिकोण को आकार दे रही हैं।

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हालांकि, वैश्विक घटनाएं कभी-कभी अनिश्चितता पैदा कर सकती हैं, लेकिन स्मॉलकेस मैनेजर्स का कहना है कि भारत के मैक्रो फंडामेंटल्स यानी देश की आर्थिक नींव अभी भी मजबूत है।

उनका मानना है कि यह साल उन निवेशकों के लिए बेहतर रहेगा, जो कंपनियों की कमाई देखकर निवेश करेंगे, न कि सिर्फ तेजी के भरोसे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2026 में खपत के आधार पर आर्थिक विकास देखने को मिल सकता है। इसे नियंत्रित महंगाई, टैक्स में कटौती, जीएसटी में राहत और ब्याज दरों में कटौती से समर्थन मिलेगा, जिससे लोगों की खर्च करने की क्षमता बढ़ेगी और कर्ज लेना आसान होगा।

स्मॉलकेस मैनेजर और राइट रिसर्च के संस्थापक सोनम श्रीवास्तव ने कहा कि 2026 में बाजार की स्थिति 2025 की तुलना में ज्यादा संतुलित और सकारात्मक है। शेयरों के मूल्य अब पहले से कहीं अधिक ठीक हैं, कमाई को लेकर उम्मीदें यथार्थवादी हैं और देश आर्थिक रूप से स्थिर है।

उन्होंने आगे कहा कि 2026 में निवेश से मिलने वाला फायदा कंपनियों की कमाई पर आधारित होगा, न कि सिर्फ शेयरों के दाम बढ़ने पर। इसलिए सोच-समझकर शेयर चुनना ज्यादा जरूरी होगा।

वेल्थट्रस्ट कैपिटल सर्विसेज की स्मॉलकेस मैनेजर, संस्थापक और सीईओ स्नेहा जैन ने कहा कि 2025 में मूल्यांकन में गिरावट के बाद अब लार्ज कैप कंपनियों के शेयर मिड कैप और स्मॉल कैप कंपनियों के शेयरों से भी नीचे ट्रेड कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि लार्ज कैप कंपनियों की बैलेंस शीट, कैश फ्लो और कॉरपोरेट गवर्नेंस काफी मजबूत है। इसलिए अगले 6 से 8 महीनों में ये निवेश के लिए अपेक्षा से अधिक आकर्षक हो सकती हैं, लेकिन निवेश संतुलन बनाए रखना जरूरी है। लार्ज कैप को ज्यादा मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि पोर्टफोलियो में स्थिरता देने वाले मजबूत आधार के रूप में रखना चाहिए।

स्नेहा जैन के मुताबिक, सरकार की राजकोषीय अनुशासन नीति, इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार खर्च, मैन्युफैक्चरिंग और एमएसएमई सेक्टर को समर्थन और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स को लेकर स्पष्टता, अल्पकालिक प्रोत्साहनों से ज्यादा अहम हैं।

वहीं, स्मॉलकेस की मैनेजर और लोटसड्यू वेल्थ एंड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स की सह-संस्थापक प्राची देउस्कर ने कहा कि आगामी केंद्रीय बजट बुनियादी ढांचे, औपचारिक अर्थव्यवस्था और वित्तीय अनुशासन से जुड़ी नीतियों को आगे बढ़ाएगा, साथ ही घरेलू निवेशकों की वित्तीय भागीदारी बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि एमएसएमई सेक्टर के लिए भी कुछ सहायक कदम देखने को मिल सकते हैं, जैसे फाइनेंस तक आसान पहुंच, क्रेडिट गारंटी और उत्पादकता बढ़ाने व बाजार तक पहुंच को मजबूत करने वाले प्रोत्साहन।

--आईएएनएस

डीबीपी/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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