वेनेजुएला पर हमला कांग्रेस की मंजूरी के बिना, भारतीय अमेरिकी सांसदों ने राष्ट्रपति ट्रंप की आलोचना की

वेनेजुएला पर हमला कांग्रेस की मंजूरी के बिना, भारतीय अमेरिकी सांसदों ने राष्ट्रपति ट्रंप की आलोचना की

वेनेजुएला पर हमला कांग्रेस की मंजूरी के बिना, भारतीय अमेरिकी सांसदों ने राष्ट्रपति ट्रंप की आलोचना की

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IANS
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Indian American lawmakers warn Trump over Venezuela

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

वाशिंगटन, 4 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय अमेरिकी सांसदों ने वेनेजुएला में आर्मी का इस्तेमाल करने के फैसले और वेनेजुएला को चलाने वाले बयान के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना की है।

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विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के छह भारतीय अमेरिकी सांसदों ने चेतावनी दी कि इस कदम को उठाने से पहले कांग्रेस को नजरअंदाज किया गया। इससे राष्ट्रपति की शक्ति पर संवैधानिक सीमाओं को कमजोर किया गया है।

हाउस परमानेंट सिलेक्ट कमेटी ऑन इंटेलिजेंस के एक सीनियर सदस्य राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि मादुरो का रिकॉर्ड एकतरफा मिलिट्री कार्रवाई को सही नहीं ठहराता।

उन्होंने कहा, निकोलस मादुरो एक नाजायज तानाशाह हैं जिन्होंने वेनेजुएला के लोगों को बहुत तकलीफ दी है, लेकिन यह सच्चाई किसी भी राष्ट्रपति को कांग्रेस के बिना मिलिट्री बल का इस्तेमाल करने की खाली छूट नहीं देती।”

कृष्णमूर्ति ने कहा कि कांग्रेस की इजाजत के बिना काम करके और किसी दूसरे संप्रभु देश पर अमेरिका का नियंत्रण सार्वजनिक रूप से दिखाकर, राष्ट्रपति ट्रंप राष्ट्रपति की शक्ति का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं और संविधान के शक्तियों के बंटवारे को कमजोर कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, प्रशासन को अमेरिका के लोगों की सुरक्षा का हिसाब देना चाहिए। कांग्रेस को पूरी जानकारी देनी चाहिए कि कोई हताहत हुआ है या नहीं। ट्रंप का यह बयान कि अमेरिका वेनेजुएला को चलाएगा, देश को बिना मंजूरी के ओपन-एंडेड जिम्मेदारी के लिए प्रतिबद्ध करता है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यह कदम कानून के राज को खत्म करेगा, मॉस्को और बीजिंग को कहीं और बॉर्डर बढ़ाने के लिए हिम्मत देगा, अमेरिका का भरोसा कमजोर करेगा, और आखिर में अमेरिकियों को कम सुरक्षित बनाएगा।

मिलिट्री और फॉरेन अफेयर्स ओवरसाइट सबकमेटी के रैंकिंग सदस्य सुहास सुब्रमण्यम ने कहा कि यह ऑपरेशन ट्रंप के नए युद्धों के विरोध के उलट है।

सुब्रमण्यम ने कहा, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि वह शांति की मानसिकता वाले राष्ट्रपति होंगे और कोई नया युद्ध शुरू नहीं करेंगे, फिर भी वह गैर-कानूनी तरीके से दूसरे देशों पर हमला कर रहे हैं और उनके राष्ट्रपति का अपहरण कर रहे हैं।

सुब्रमण्यम ने कहा कि मादुरो एक हिंसक शासक हैं जिन्होंने अपने देश में लोकतंत्र को दबाया, लेकिन उन्हें जिस तरीके से पकड़ा गया उससे अमेरिका के लक्ष्य पूरे नहीं होंगे। इस तरह से उनके पकड़े जाने से ड्रग्स का आना-जाना नहीं रुकेगा और न ही वेनेजुएला में और अस्थिरता के अलावा कुछ और होगा। शायद झूठे बहाने से हमेशा के लिए एक और युद्ध शुरू हो गया है।

विकासशील सांसदों ने भी इस ऑपरेशन को वैश्विक नियमों के लिए एक चेतावनी के तौर पर देखा।

रो खन्ना ने कहा, ट्रंप ने वेनेजुएला में सरकार बदलने के लिए आज अपनी पसंद का युद्ध शुरू करके अपने एमएजीए बेस को धोखा दिया है।

अमेरिकी दखल बार-बार नाकाम रहा है। इस तर्क को देते हुए खन्ना ने पूछा, अब हम क्या कहेंगे अगर शी जिनपिंग ताइवान के लाई को पकड़ना चाहते हैं या पुतिन यूक्रेन में जेलेंस्की को पकड़ने की कोशिश करते हैं?”

कांग्रेस की सदस्य प्रमिला जयपाल ने ट्रंप पर एक मुख्य वादा तोड़ने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ट्रंप ने अमेरिका को युद्धों से बाहर निकालने का वादा किया था, लेकिन उन्होंने झूठ बोला। यह कार्रवाई पूरी तरह से तेल, लालच और ताकत के बारे में थी। वाशिंगटन वेनेजुएला के लोगों के बजाय वहां का नेतृत्व तय कर रहा है।

सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले इंडियन अमेरिकन कांग्रेसी, एमी बेरा ने कहा कि मादुरो गैर-कानूनी थे, लेकिन चेतावनी दी कि कांग्रेस की राय के बिना हमला करने का फैसला बहुत चिंताजनक और गैर-कानूनी था।

कांग्रेसी श्री थानेदार ने कहा, सिर्फ कांग्रेस के पास युद्ध की घोषणा करने की काबिलियत है। ट्रंप के काम पूरी तरह से गैर-संवैधानिक हैं।

भारतीय अमेरिकी सांसदों की तरफ से हो रही नाराजगी वॉशिंगटन में बढ़ती चिंता को दिखाती है कि वेनेजुएला ऑपरेशन बिना कानूनी मंजूरी के अमेरिका को एक और खुले संघर्ष में खींच सकता है।

--आईएएनएस

पीएके

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