वर्ष 2030 तक 'अपर मिडिल इनकम' वाले देशों में शामिल हो सकता है भारत : एसबीआई रिसर्च

वर्ष 2030 तक 'अपर मिडिल इनकम' वाले देशों में शामिल हो सकता है भारत : एसबीआई रिसर्च

वर्ष 2030 तक 'अपर मिडिल इनकम' वाले देशों में शामिल हो सकता है भारत : एसबीआई रिसर्च

author-image
IANS
New Update
India set to transition to upper middle income country by 2030: SBI Research

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 19 जनवरी (आईएएनएस)। भारत अगले चार वर्षों यानी 2030 तक प्रति व्यक्ति आय (पर कैपिटा इनकम) में 4,000 डॉलर का आंकड़ा छू सकता है। इसके साथ ही भारत अपर मिडिल इनकम कंट्री की श्रेणी में शामिल हो जाएगा, जहां अभी चीन और इंडोनेशिया जैसे देश मौजूद हैं। सोमवार को जारी एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।

Advertisment

इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को आजादी के बाद 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में करीब 60 साल लगे, जबकि देश ने सिर्फ 7 साल में 2 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा 2014 में छू लिया।

इसके बाद भारत ने 2021 में 3 ट्रिलियन डॉलर और 2025 में 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का स्तर हासिल किया। यानी समय के साथ भारत की आर्थिक रफ्तार और तेज होती गई है।

एसबीआई के ग्रुप चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर डॉ. सौम्य कांति घोष ने बताया कि भारत अगले दो वर्षों में 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर भी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ने 2009 में आजादी के 62 साल बाद पहली बार 1,000 डॉलर प्रति व्यक्ति आय हासिल की थी। इसके बाद 2019 में 2,000 डॉलर और 2026 में 3,000 डॉलर प्रति व्यक्ति आय तक पहुंचने की उम्मीद है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले एक दशक में भारत की आर्थिक वृद्धि दर दुनिया के कई देशों की तुलना में बेहतर रही है। इससे वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति और मजबूत हुई है और वह तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है।

डॉ. घोष ने कहा कि यदि भारत को 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के तहत उच्च आय वाला देश बनना है, तो प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय (जीएनआई) को हर साल औसतन 7.5 प्रतिशत की सीएजीआर (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ाना होगा। उन्होंने बताया कि पिछले 23 वर्षों में भारत की प्रति व्यक्ति जीएनआई करीब 8.3 प्रतिशत की दर से बढ़ी है, जिससे यह लक्ष्य संभव लगता है।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में उच्च आय वाले देश बनने की सीमा (थ्रेशहोल्ड) बढ़ सकती है। यदि यह सीमा 13,936 डॉलर से बढ़कर 18,000 डॉलर हो जाती है, तो भारत को 2047 तक उच्च आय वाला देश बनने के लिए प्रति व्यक्ति आय को और तेज, यानी करीब 8.9 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ाना होगा।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अगर जनसंख्या वृद्धि और महंगाई को ध्यान में रखा जाए, तो अगले 23 वर्षों तक भारत को डॉलर के हिसाब से अपनी नॉमिनल जीडीपी करीब 11.5 प्रतिशत की दर से बढ़ानी होगी।

एसबीआई रिसर्च ने कहा कि भारत को आर्थिक सुधारों की प्रक्रिया लगातार जारी रखनी होगी, ताकि तेजी से विकास हो सके और देश उच्च आय वाले देशों की श्रेणी में पहुंच सके।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत के लिए अपर मिडिल इनकम देश बनना पूरी तरह संभव है, जहां प्रति व्यक्ति आय की सीमा करीब 4,500 डॉलर होती है। इसके लिए जरूरी 11.5 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि पहले भी हासिल की जा चुकी है, खासकर कोरोना महामारी से पहले के वर्षों में।

--आईएएनएस

डीबीपी/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Advertisment