चीन दौरे पर फिनलैंड पीएम पेटेरी ओर्पो, मानवाधिकार संगठन ने दमन का मुद्दा उठाने की अपील की

चीन दौरे पर फिनलैंड पीएम पेटेरी ओर्पो, मानवाधिकार संगठन ने दमन का मुद्दा उठाने की अपील की

चीन दौरे पर फिनलैंड पीएम पेटेरी ओर्पो, मानवाधिकार संगठन ने दमन का मुद्दा उठाने की अपील की

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IANS
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HRW urges Finnish PM Petteri Orpo to address repression during China visit

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

वॉशिंगटन, 25 जनवरी (आईएएनएस)। फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो रविवार से चार दिनों की यात्रा पर चीन जा रहे हैं। ऐसे में अमेरिका की ह्यूमन राइट्स वॉच (एचआरडब्ल्यू) ने चीन में लोगों पर हो रही हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की है।

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एचआरडब्ल्यू ने एक बयान में कहा, ओर्पो का दौरा सिर्फ एक डिप्लोमैटिक बातचीत से कहीं ज्यादा है। यह इस बात की परीक्षा है कि क्या फिनलैंड अपने मुख्य हितों की रक्षा करते हुए दो बड़ी ताकतों के बीच आगे बढ़ सकता है, जिसमें डेमोक्रेटिक मूल्यों और मानवाधिकारों की रक्षा भी शामिल होनी चाहिए।

फिनलैंड के पीएम का चीन दौरा आयरलैंड, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी और कनाडा के नेताओं के हाल के दौरों के बाद हो रहा है। तमाम देशों के नेताओं ने अपने दौरे पर व्यापार और निवेश पर फोकस किया था। हालांकि, इन नेताओं के चीन दौरे पर मानवाधिकारों की चिंताओं को अहमियत नहीं दी गई। यह दौरा दिखाता है कि कैसे देश आर्थिक संबंधों में विविधता लाने और अमेरिका पर निर्भरता कम करने की उम्मीद कर रहे हैं।

एचआरडब्ल्यू ने कहा, अगर ट्रंप सरकार की इस प्रेशर पॉलिटिक्स से बेचैनी हो रही है, तो खुले तौर पर तानाशाह चीन के साथ नजदीकी बढ़ाने से पूरे यूरोप में और भी ज्यादा चिंता फैलनी चाहिए। चीन के साथ फिनलैंड का जॉइंट एक्शन प्लान (2025–2029) इस असंतुलन का उदाहरण है। इसमें इनोवेशन, ग्रीन टेक्नोलॉजी और ट्रेड पर बड़े सहयोग की रूपरेखा बताई गई है, जिसमें मानवाधिकारों का सिर्फ अस्पष्ट जिक्र है। यह तरीका उन बढ़ते तरीकों को नजरअंदाज करता है, जिनसे चीन का दबाव सीधे फिनलैंड पर असर डाल रहा है।

एचआरडब्ल्यू ने चीन पर आरोप लगाया कि वह देश और विदेश दोनों जगह दुनिया का सबसे बुरा बर्ताव करने वाला देश है। शिनजियांग में इंसानियत के खिलाफ चीन के चल रहे अपराधों में मनमाने ढंग से हिरासत में लेना, बड़े पैमाने पर निगरानी रखना और उइगरों और दूसरे तुर्क मुसलमानों से जबरदस्ती काम करवाना शामिल है।

एचआरडब्ल्यू ने कहा, इससे फिनलैंड के उद्योगों के लिए दिक्कतें खड़ी होती हैं। फिनलैंड के क्लीन एनर्जी और टेक सेक्टर में खराब सप्लाई चेन का खतरा है, भले ही यूरोपियन यूनियन का जबरदस्ती काम के इंपोर्ट पर रोक लगाने वाला रेगुलेशन 2027 के आखिर में लागू होने वाला है। चीन में श्रमिक अधिकार का गलत इस्तेमाल शिनजियांग से कहीं ज्यादा फैला हुआ है। इसके कम-अधिकारों वाले डेवलपमेंट मॉडल ने श्रमिक अधिकारों में दुनियाभर में सबसे नीचे की दौड़ को बढ़ावा दिया है, जिससे स्थानीय स्तर पर नौकरियां गईं, जिससे यूरोप और अमेरिका में नाराजगी को बढ़ावा मिला है।

एचआरडब्ल्यू ने आरोप लगाया कि हांगकांग में लोग सरकार की आलोचना करने पर लंबी जेल की सजा से डरते हैं, जबकि तिब्बत में धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकारों पर हमला हो रहा है। इसके अलावा, इसने चीन पर यूरोप समेत विदेशों में रहने वाले कार्यकर्ताओं को टारगेट करके नाराजगी को दबाने का आरोप लगाया।

--आईएएनएस

केके/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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