जीएसटी 2.0 और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार से तीसरी तिमाही में मांग में बढ़ोतरी हुई

जीएसटी 2.0 और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार से तीसरी तिमाही में मांग में बढ़ोतरी हुई

जीएसटी 2.0 और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार से तीसरी तिमाही में मांग में बढ़ोतरी हुई

author-image
IANS
New Update
2 Wheelers, Two Wheelers, Two Wheelers, Two-Wheeler Manufacturers, two wheeler manufacturer, two wheeler, two wheelers manufacturer unit

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 9 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में वॉल्यूम में 20 प्रतिशत की ग्रोथ दिखाई है। इसकी वजह जीएसटी सुधार, ग्रामीण मांग में रिकवरी और त्योहारी सीजन का होना है। यह जानकारी शुक्रवार को एक रिपोर्ट में दी गई।

Advertisment

फाइनेंशियल सर्विसेज फर्म पीएल कैपिटल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अफोर्डेबिलिटी में सुधार, आसान फाइनेंसिंग और ग्राहकों के सेंटीमेंट में सुधार के कारण पैसेंजर वाहनों, दोपहिया और कॉमर्शियल वाहनों की मांग बढ़ी है।

तीसरी तिमाही में बिक्री में मजबूत उछाल के कारण पैसेंजर वाहनों की इन्वेंट्री गिरकर नवंबर में 45 दिनों और दिसंबर में कम होकर 38 दिनों पर आ गई है, जो कि पहले 55 दिनों पर थी।

रिपोर्ट में बताया गया कि जीएसटी में कटौती के बाद छोटी कारों को अधिक फायदा हुआ है, हालांकि, एसयूवी की बिक्री लगातार मजबूत बनी हुई है।

दोपहिया वाहनों की बिक्री में भी तेज उछाल दर्ज किया गया है और 150 सीसी और उससे ऊपर के सेगमेंट में मजबूत बिक्री के कारण कुछ मॉडल्स में वेटिंग पीरिएड बढ़ गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में वाणिज्यिक वाहनों में तेजी के शुरुआती संकेत दिखे, जिसे मानसून के लंबे मौसम के बाद निर्माण और खनन गतिविधियों में आई तेजी का समर्थन मिला। मध्यम और भारी वाणिज्यिक वाहनों ने हल्के वाणिज्यिक वाहनों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया, क्योंकि प्रतिस्थापन की मांग बढ़ी और ग्राहकों ने अधिक क्षमता वाले वाहनों को प्राथमिकता दी।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जीएसटी दरों के युक्तिकरण के बाद अफोर्डेबिलिटी में सुधार ने भी फ्लीट संचालकों को खरीद निर्णयों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।

निर्माण उपकरणों की बिक्री में सुधार हुआ, हालांकि पिछले वर्ष उत्सर्जन मानकों में बदलाव से पहले की गई खरीददारी के कारण उच्च आधार पर वृद्धि धीमी रही। सरकारी सब्सिडी और सहायक सरकारी नीतियों के चलते ट्रैक्टरों की बिक्री में लगातार वृद्धि जारी रही।

रिपोर्ट में कहा गया है, ग्रामीण मोर्चे पर, खरीफ की अच्छी फसल और रबी की बेहतर बुआई से किसानों की आय और नकदी प्रवाह में मजबूती आई, जिसके परिणामस्वरूप शुरुआती स्तर के वाहनों और ट्रैक्टरों की मांग में वृद्धि हुई।

--आईएएनएस

एबीएस/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Advertisment