फ्रांस के किसानों ने ईयू-मर्कोसुर व्यापार समझौते के खिलाफ पेरिस में किया प्रदर्शन

फ्रांस के किसानों ने ईयू-मर्कोसुर व्यापार समझौते के खिलाफ पेरिस में किया प्रदर्शन

फ्रांस के किसानों ने ईयू-मर्कोसुर व्यापार समझौते के खिलाफ पेरिस में किया प्रदर्शन

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IANS
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French farmers hold protest in Paris against EU-Mercosur trade deal

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

पेरिस, 13 जनवरी (आईएएनएस)। फ्रांस के किसानों ने मंगलवार को पेरिस में लगभग 350 ट्रैक्टर लेकर विरोध प्रदर्शन किया। यह एक हफ्ते में दूसरी बार था जब किसानों ने ईयू-मर्कोसुर व्यापार समझौते और कम आय के खिलाफ अपने आक्रोश का प्रदर्शन किया।

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किसान सुबह 6 बजे (स्थानीय समय) के आसपास पोर्ट डॉफ़िन से पेरिस में प्रवेश किए और पुलिस के गश्ती में एवेन्यू फॉच होते हुए आर्क डी ट्रायम्फ तक पहुंचे। इसके बाद उन्होंने शैंप्स-एलीसीज़ मार्ग पर ड्राइविंग की और सेन नदी पार करके नेशनल असेंबली तक पहुंच गए।

इस प्रदर्शन का नेतृत्व एफएनएसईए किसान संघ और यंग फार्मर्स ने किया। किसानों ने अपने ट्रैक्टरों पर किसान के बिना देश नहीं और किसान नहीं तो खाना नहीं जैसे स्लोगन लिखे थे। उन्होंने फ्रांस की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई की मांग की।

यह प्रदर्शन ईयू-मर्कोसुर व्यापार समझौते पर पैराग्वे में शनिवार को होने वाली हस्ताक्षर से पहले आयोजित किया गया। यह समझौता यूरोपीय संघ और अर्जेंटीना, ब्राजील, उरुग्वे और पैराग्वे के बीच एक मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाने की सुविधा देगा।

यूरोप के किसानों ने इस समझौते की आलोचना की है, उनका कहना है कि इससे सस्ते आयात से घरेलू बाजार प्रभावित होंगे। पिछले हफ्ते, अधिकांश ईयू सदस्य देशों ने इस समझौते को मंजूरी दी, हालांकि फ्रांस, हंगरी, ऑस्ट्रिया, पोलैंड और आयरलैंड ने इसका विरोध किया।

फ्रांस सरकार की प्रवक्ता मॉड ब्रेज़ॉन ने मंगलवार को कहा कि सरकार किसानों की मदद के लिए जल्द नई घोषणाएँ करेगी। उन्होंने कहा कि संवाद और चर्चा जारी हैं, खासकर आय, जल, जलवायु परिवर्तन के अनुकूलन और कृषि हस्तांतरण के सवालों पर।

10 जनवरी को फ्रांस की कृषि मंत्री एनी जेनवार्ड ने घोषणा की कि सरकार किसानों के समर्थन के लिए 300 मिलियन यूरो जुटा रही है। जेनवार्ड ने कहा कि यह कदम स्वास्थ्य, आर्थिक और जलवायु संकटों के मद्देनजर उठाए गए हैं और इसमें आपूर्ति श्रृंखलाओं की सुरक्षा और भविष्य की तैयारी के लिए ठोस उपाय शामिल हैं।

जेनवार्ड ने कहा कि जल संरक्षण के लिए हाइड्रोलिक फंड को 20 मिलियन से बढ़ाकर 60 मिलियन यूरो किया गया है, भेड़ियों की संख्या नियंत्रण के लिए नीतियों में ढील दी गई है, और प्रमुख फसलों के लिए अतिरिक्त 40 मिलियन यूरो सहायता दी जाएगी। वाइन उद्योग के लिए 130 मिलियन यूरो की राशि निर्धारित की गई है।

8 जनवरी को भी फ्रांस के किसानों ने करीब 100 ट्रैक्टर लेकर पेरिस के सेंट्रल हिस्से में प्रवेश किया और यूरोपीय संघ के मर्कोसुर मुक्त व्यापार समझौते के खिलाफ विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस ब्लॉकेड को पार करके एफिल टॉवर और आर्क डी ट्रायम्फ जैसे प्रमुख स्थलों तक पहुंच बनाई।

फ्रांस के आंतरिक मंत्रालय के अनुसार, लगभग 20 ट्रैक्टर शहर के केंद्र तक पहुंचे, जबकि अधिकांश ट्रैक्टर शहर की सीमा पर ही रोक दिए गए। ए13 मोटरवे को सुबह 5.53 बजे पेरिस की दिशा में बंद कर दिया गया। यह विरोध रूरल कॉर्डिनेशन संघ द्वारा फ्रांस सरकार पर दबाव बनाने के लिए आयोजित किया गया था, क्योंकि किसान इस व्यापार समझौते को अपनी आजीविका के लिए हानिकारक मानते हैं।

--आईएएनएस

डीएससी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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