भारत-बांग्लादेश संबंधों की नींव इतनी मजबूत कि इस कठिन दौर को भी सह लेगी: शेख हसीना

भारत-बांग्लादेश संबंधों की नींव इतनी मजबूत कि इस कठिन दौर को भी सह लेगी: शेख हसीना

भारत-बांग्लादेश संबंधों की नींव इतनी मजबूत कि इस कठिन दौर को भी सह लेगी: शेख हसीना

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IANS
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New Delhi:Prime Minister Narendra Modi,shakes hand with Bangladesh Prime Minister Sheikh Hasina

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

ढाका, 7 दिसंबर (आईएएनएस)। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और अवामी लीग की अध्यक्ष शेख हसीना ने कहा है कि भारत-बांग्लादेश संबंधों की नींव इतनी मजबूत है कि मौजूदा कठिन दौर को भी झेल लेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के लोगों के प्रति “समर्थन और मानवता” के लिए आभार व्यक्त किया।

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आईएएनएस को दिए एक विशेष ई-मेल साक्षात्कार में शेख हसीना ने कहा, “भारत बांग्लादेश का सबसे करीबी पड़ोसी और साझेदार रहा है। हमारे दोनों देशों को इतिहास, भूगोल, आपसी सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति साझा प्रतिबद्धता जोड़ती है। मैं प्रधानमंत्री मोदी और भारत की जनता की आभारी हूं।”

उन्होंने कहा कि एक स्थिर और लोकतांत्रिक बांग्लादेश दोनों देशों के हित में है। उन्होंने कहा, “भारत का लोकतांत्रिक मूल्यों, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के महत्व पर जोर देना बिल्कुल सही है। बांग्लादेश को एक ऐसे भरोसेमंद साझेदार की जरूरत है, जिसकी सरकार लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई हो और जनता की इच्छा का प्रतिनिधित्व करती हो।”

बता दें कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमलों और भारतीय राजनयिक मिशनों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं के बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव बढ़ा है। देश में 12 फरवरी को चुनाव प्रस्तावित हैं, लेकिन सुरक्षा स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और राजनीतिक दलों के बीच टकराव भी बढ़ रहा है।

शेख हसीना ने कहा, “मुझे विश्वास है कि हमारे संबंधों की बुनियाद इतनी मजबूत है कि यह कठिन समय भी गुजर जाएगा और जब बांग्लादेश की जनता स्वतंत्र रूप से अपनी सरकार चुनेगी, तब यह रिश्ता और मजबूत होगा।”

इस बीच, भारत ने बांग्लादेश में हिंदू, ईसाई और बौद्ध अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार हो रही हिंसा पर गहरी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हाल ही में कहा कि भारत हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है और मयमनसिंह में एक हिंदू युवक की हत्या की कड़ी निंदा करता है।

भारत ने बांग्लादेश में फैलाए जा रहे कथित “भारत-विरोधी झूठे नैरेटिव” को भी खारिज करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सुरक्षा सुनिश्चित करना यूनुस सरकार की जिम्मेदारी है। पिछले महीने भारत ने बांग्लादेश के उच्चायुक्त को तलब कर वहां बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और भारतीय मिशनों के खिलाफ साजिशों पर कड़ी चिंता जताई थी।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, अंतरिम सरकार के कार्यकाल में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हत्या, आगजनी और जमीन कब्जाने जैसी 2,900 से अधिक हिंसक घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिन्हें केवल मीडिया की अतिशयोक्ति या राजनीतिक हिंसा बताकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

--आईएएनएस

डीएससी

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