कृषि और ग्रामीण श्रमिकों के लिए खाद्य महंगाई दर दिसंबर में नकारात्मक रही

कृषि और ग्रामीण श्रमिकों के लिए खाद्य महंगाई दर दिसंबर में नकारात्मक रही

कृषि और ग्रामीण श्रमिकों के लिए खाद्य महंगाई दर दिसंबर में नकारात्मक रही

author-image
IANS
New Update
Food inflation for farm and rural labourers stays in negative zone during December

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 21 जनवरी (आईएएनएस)। कृषि श्रमिकों के लिए अखिल भारत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई-एल) दिसंबर में सालाना आधार पर 0.04 प्रतिशत और ग्रामीण श्रमिकों के के लिए अखिल भारत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई-आरएल) दिसंबर में सालाना आधार पर 0.11 प्रतिशत रहा है। यह जानकारी श्रम और रोजगार मंत्रालय की ओर से बुधवार को दी गई।

Advertisment

मंत्रालय ने कहा कि इस दौरान खाद्य महंगाई कृषि श्रमिकों के लिए -1.8 प्रतिशत और ग्रामीण श्रमिकों के लिए -1.73 प्रतिशत रही है। इसकी वजह उत्पादन बढ़ने के कारण खाद्य उत्पादों की कीमतों का कम होना है।

हाल के महीनों में महंगाई दर में आई गिरावट उन कमजोर वर्गों के लिए राहत की बात है जो बढ़ती कीमतों से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। इससे उनके पास अधिक धन उपलब्ध होता है जिससे वे अधिक सामान खरीद सकते हैं और उनका जीवन स्तर बेहतर होता है।

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन श्रम ब्यूरो ने इस वर्ष जून से कृषि श्रमिकों और ग्रामीण श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का आधार वर्ष 2019=100 निर्धारित किया है। ये सूचकांक 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 787 गांवों से एकत्रित आंकड़ों पर आधारित हैं।

नई सीपीआई – एएल एवं आरएल सीरीज(आधार: 2019=100) पहले की 1986-87=100 सीरीज के स्थान पर लाई गई है।

संशोधित सीरीज ने सूचकांकों को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए दायरे और कवरेज को काफी हद तक बढ़ाया है और इसमें कई कार्यप्रणालीगत परिवर्तन शामिल किए गए हैं।

इसके अलावा, खुदरा महंगाई दर दिसंबर में 1.33 प्रतिशत रही है, जो कि नवंबर में 0.71 प्रतिशत थी।

वहीं, थोक कीमतों पर आधारित भारत की महंगाई दर दिसंबर 2025 में 0.83 प्रतिशत रही, जो कि नवंबर में -0.32 प्रतिशत थी। यह मुख्य रूप से विनिर्मित वस्तुओं (मैन्यूफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स) और खनिजों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण हुई है।

आरबीआई का अनुमान है कि वित्त वर्ष 26 में खुदरा महंगाई दर करीब 2 प्रतिशत रह सकती है। इसकी वजह जीएसटी में कटौती होना और खाद्य उत्पादों की कीमतें कम होना है।

--आईएएनएस

एबीएस/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Advertisment