भारत के साथ एफटीए को लेकर उत्साहित हैं यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष लेयेन

भारत के साथ एफटीए को लेकर उत्साहित हैं यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष लेयेन

भारत के साथ एफटीए को लेकर उत्साहित हैं यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष लेयेन

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IANS
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European Commission President upbeat on free trade pact with India

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 23 जनवरी (आईएएनएस)। भारत 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस मौके पर यूरोपीय यूनियन के दो बड़े नेता मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने वाले हैं। ईयू के नेताओं के भारत दौरे से कयास लगाए जा रहे हैं कि यूरोपीय यूनियन के साथ मुक्त व्यापार समझौते को हरी झंडी दिखाई जा सकती है।

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यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन 25 से लेकर 28 जनवरी तक भारत में रहेंगे। वॉन डेर लेयेन ने साफ कर दिया है कि अमेरिकी टैरिफ की वजह से उथल-पुथल और वैश्विक अर्थव्यवस्था में बड़े बदलाव के बाद यूरोप अपने बाजार में विविधता ला रहा है।

उन्होंने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में कहा, और दावोस के ठीक बाद, मैं भारत जाऊंगी। अभी भी काम बाकी है, लेकिन हम एक ऐतिहासिक ट्रेड एग्रीमेंट के अंतिम चरण में हैं। कुछ लोग इसे सभी डील्स की मां कहते हैं, एक ऐसा एग्रीमेंट जो 2 बिलियन लोगों का मार्केट बनाएगा, जो ग्लोबल जीडीपी का लगभग एक चौथाई हिस्सा होगा।

उन्होंने आगे कहा, सबसे जरूरी बात, यह दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते और सबसे डायनामिक कॉन्टिनेंट्स में से एक होने के नाते यूरोप को फर्स्ट-मूवर एडवांटेज देगा। यूरोप आज के ग्रोथ सेंटर्स और इस सदी के इकोनॉमिक पावरहाउस के साथ बिजनेस करना चाहता है।

भारत और यूरोपियन यूनियन बहुप्रतीक्षित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को फाइनल करने के करीब हैं, जिसकी औपचारिक घोषणा 27 जनवरी को हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक, 27 जनवरी को होने वाली भारत-ईयू समिट में एफटीए पर बातचीत सफलतापूर्वक पूरी होगी। एफटीए बातचीत के खत्म होने की घोषणा के लिए दोनों पक्ष एक डॉक्यूमेंट अपनाएंगे। इसके बाद समझौते को जरूरी कानूनी प्रक्रिया के जरिए यूरोपियन संसद और काउंसिल द्वारा मंजूरी दी जाएगी।

दोनों पक्ष एक सुरक्षा और रक्षा साझेदारी समझौता और ईयू में नौकरी पाने वाले भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए मोबिलिटी बढ़ाने के लिए एक पैक्ट पर भी साइन करने वाले हैं। यह समझौता भारत की अब तक की सबसे बड़ी डील होगी, जिसमें 27 देशों के यूरोपियन यूनियन के साथ सामान और सर्विस शामिल हैं, जो भारत के सबसे बड़े एक्सपोर्ट डेस्टिनेशन में से एक है।

कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने इसकी अहमियत बताने के लिए इसे सभी समझौतों की मां कहा है। यूरोपियन यूनियन भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, वित्तीय वर्ष 2024 में 135 बिलियन डॉलर का व्यापार हुआ, और एफटीए से और मार्केट एक्सेस और इकोनॉमिक कॉम्प्लिमेंट्रीज मिलने की उम्मीद है। हालांकि बातचीत आगे बढ़ रही है, फिर भी ईयू के कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (सीबीएएम) जैसे सेंसिटिव क्षेत्रों पर अभी भी चर्चा चल रही है।

भारत अपने लेबर-इंटेंसिव सेक्टर्स जैसे टेक्सटाइल, लेदर, अपैरल, जेम्स और ज्वेलरी, और हैंडीक्राफ्ट्स के लिए जीरो-ड्यूटी एक्सेस पर जोर दे रहा है। पिछले हफ्ते, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच व्यापार समझौते के लिए वार्ता अंतिम चरण में पहुंच गई है।

--आईएएनएस

केके/डीएससी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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