ढाका यूनिवर्सिटी में अब मुजीबुर रहमान हॉल का बदलेगा नाम, कहलाएगा 'उस्मान हादी हॉल'

ढाका यूनिवर्सिटी में अब मुजीबुर रहमान हॉल का बदलेगा नाम, कहलाएगा 'उस्मान हादी हॉल'

ढाका यूनिवर्सिटी में अब मुजीबुर रहमान हॉल का बदलेगा नाम, कहलाएगा 'उस्मान हादी हॉल'

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IANS
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Dhaka University to rename Mujibur Rahman Hall after slain radical Hadi (File image)

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

ढाका, 9 जनवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश में अब शैक्षिक संस्थानों के नाम बदले जाने की परंपरा का आगाज हो रहा है। बांग्लादेश की ढाका यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने शेख मुजीबुर रहमान हॉल का नाम बदलकर उस्मान हादी हॉल रखने का फैसला किया है। कट्टरपंथी इस्लामी नेता शरीफ उस्मान हादी की पिछले महीने देश की राजधानी में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

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स्थानीय मीडिया ने शुक्रवार को बताया कि पूर्व राष्ट्रपति मुजीबुर रहमान की पत्नी के नाम पर बने शेख फाजिलतुन्नेसा हॉल का नाम बदलकर ‘कैप्टन सितारा परवीन हॉल’ कर दिया जाएगा।

खबर है कि यह फैसला विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी पॉलिसी बनाने वाले फोरम—सिंडिकेट—की गुरुवार को हुई बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर नियाज अहमद खान ने की।

बांग्लादेशी अखबार, ढाका ट्रिब्यून से गुरुवार रात बात करते हुए, ढाका यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर सैफुद्दीन अहमद ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा, सीनेट आखिरी फैसला करेगी; सिंडिकेट ने इसे (नाम बदलने का प्रपोजल) सीनेट को भेज दिया है। सिंडिकेट आखिरी फैसला नहीं करता है। प्रक्रिया आगे बढ़ रही है—एक कदम अब पूरा हो गया है।

यह कदम पाकिस्तान के खिलाफ 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम से जुड़ी मूर्तियों और धरोहरों पर बढ़ते हमलों की पृष्ठभूमि में उठाया गया है। इससे मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के तहत ऐतिहासिक विरासत के लगातार खत्म होने की चिंता बढ़ गई है।

स्थानीय मीडिया ने बताया कि 18 दिसंबर को हादी की मौत के बाद, ढाका यूनिवर्सिटी में शेख मुजीबुर रहमान हॉल की यूनियन ने मूल पट्टिका हटा दी और उसकी जगह उस्मान हादी हॉल लिखी हुई पट्टिका लगा दी गई।

साथ ही, कई छात्रों ने हॉल की मुख्य इमारत पर खास तौर पर लगे मुजीबुर रहमान के भित्तिचित्र को भी रंग डाला था।

हादी की मौत के बाद उसके समर्थकों ने पूरे बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, भारतीय उच्चायुक्त कार्यालय, सांस्कृतिक संस्थानों और मीडिया संस्थानों को निशाना बनाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया था।

इसके अलावा, गुरुवार को, ढाका यूनिवर्सिटी सिंडिकेट ने अवामी लीग के समर्थक टीचर्स ब्लू पैनल से जुड़े चार शिक्षकों के खिलाफ भी मोर्चा खोला और उन्हें निकालने के लिए गलत मामले दर्ज कराए। इसके साथ ही उनसे एक हफ्ते के अंदर कारण-बताओ नोटिस का जवाब देने को कहा।

ढाका ट्रिब्यून ने सैफुद्दीन अहमद के हवाले से बताया, उनके खिलाफ चार्ज फ्रेम कर दिए गए हैं, और उनसे कारण बताने को कहा जाएगा कि उनके खिलाफ ये चार्ज क्यों लगाए गए हैं और उन्हें नौकरी से क्यों नहीं निकाला जाना चाहिए। वे कारण बताओ नोटिस का जवाब देंगे, और उसके आधार पर जांच आगे बढ़ेगी। उन्हें अभी तक नौकरी से नहीं निकाला गया है, लेकिन उन्हें नौकरी से निकालने के लिए चार्ज फ्रेम कर दिए गए हैं।

पिछले महीने, ढाका यूनिवर्सिटी के तीन शिक्षक, जो अवामी लीग के समर्थक टीचर पैनल से जुड़े थे, को ढाका यूनिवर्सिटी सेंट्रल स्टूडेंट्स यूनियन (डीयबसीएसयू) के नेतृत्व वाले स्टूडेंट्स के एक ग्रुप ने कथित तौर पर परेशान किया और हमला किया।

बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के तहत कानून और व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती जा रही है और काम करने के असुरक्षित हालात हैं, साथ ही राजनीतिक दखल, शैक्षिक आजादी पर रोक और असहमति जताने वालों पर हमलों को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।

--आईएएनएस

केआर/

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