जापान में बर्फीले तूफान और भीषण ठंड से जनजीवन प्रभावित, परिवहन सेवाएं ठप

जापान में बर्फीले तूफान और भीषण ठंड से जनजीवन प्रभावित, परिवहन सेवाएं ठप

जापान में बर्फीले तूफान और भीषण ठंड से जनजीवन प्रभावित, परिवहन सेवाएं ठप

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IANS
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Heavy snow hits mountainous areas along Sea of Japan coast (File image)

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

टोक्यो, 14 जनवरी (आईएएनएस)। जापान के उत्तरी हिस्सों में बुधवार को बर्फीले तूफान, तेज हवाओं और अत्यधिक ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। खासतौर पर होक्काइडो और जापान सागर के तटीय इलाकों में खराब मौसम के चलते रेल और हवाई सेवाएं बाधित रहीं।

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जेआर होक्काइडो के अनुसार, तेज हवाओं, उड़ती बर्फ और अत्यधिक ठंड के कारण मंगलवार से अब तक 50 ट्रेन सेवाएं निलंबित करनी पड़ी हैं। वहीं, न्यू चितोसे एयरपोर्ट पर 82 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि कई अन्य उड़ानों में देरी हुई है।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि व्हाइटआउट जैसी स्थिति और भारी बर्फ जमा होने की समस्या गुरुवार तड़के तक जारी रह सकती है, जिससे परिवहन व्यवस्था और अधिक प्रभावित होने की आशंका है।

मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, गुरुवार तक जापान सागर के दक्षिणी तटीय इलाकों में 35 मीटर प्रति सेकंड तक की तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि उत्तरी जापान सागर क्षेत्र और प्रशांत तट पर हवाओं की रफ्तार 30 मीटर प्रति सेकंड तक पहुंच सकती है। समुद्री इलाकों में भी हालात गंभीर हैं। पूर्वी प्रशांत क्षेत्र और दक्षिणी ओखोत्स्क सागर में 35 मीटर प्रति सेकंड तक की तेज हवाओं की आशंका जताई गई है।

अगले 24 घंटों में, जापान सागर से सटे उत्तरी और दक्षिणी इलाकों में 40 सेंटीमीटर तक बर्फबारी होने का अनुमान है।

इस बीच, चीन की राष्ट्रीय मौसम वेधशाला ने भी आने वाले 10 दिनों में इनर मंगोलिया और पूर्वोत्तर चीन के कुछ हिस्सों में तापमान में तेज गिरावट, तेज हवाओं और बर्फबारी का अनुमान जताया है।

चीन के राष्ट्रीय मौसम केंद्र के अनुसार, प्रभावित इलाकों में तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कम रह सकता है, जिसका कारण ठंडी हवाओं की लगातार लहरें हैं।

इसके अलावा, इनर मंगोलिया और गांसू में रेतीले तूफानों की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विशेषज्ञों ने उत्तरी चीन में गेहूं की फसलों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंधन अपनाने और ग्रीनहाउस व पशु आश्रयों को पहले से मजबूत करने की सलाह दी है, ताकि कड़ाके की ठंड से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।

--आईएएनएस

डीएससी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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