1971 के मुक्ति संग्राम के बिना बांग्लादेश की कल्पना नहीं की जा सकती: तारिक रहमान

1971 के मुक्ति संग्राम के बिना बांग्लादेश की कल्पना नहीं की जा सकती: तारिक रहमान

1971 के मुक्ति संग्राम के बिना बांग्लादेश की कल्पना नहीं की जा सकती: तारिक रहमान

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IANS
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Tarique Rahman Returns to Dhaka, Receives Warm Welcome

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

ढाका, 6 जनवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान ने कहा है कि पाकिस्तान के खिलाफ 1971 के मुक्ति संग्राम में ही बांग्लादेश के अस्तित्व की जड़ें निहित हैं। स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी।

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बीएनपी अध्यक्ष कार्यालय, ढाका में वामपंथी दलों के गठबंधन डेमोक्रेटिक यूनाइटेड फ्रंट (डीयूएफ) के नेताओं के साथ बैठक के दौरान तारिक रहमान ने कहा, “मुक्ति संग्राम एक राज्य के रूप में बांग्लादेश और उसकी राजनीति की नींव है। 1971 के बिना देश के अस्तित्व की कल्पना नहीं की जा सकती।” सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस ने उनके हवाले से यह बात कही।

उन्होंने कहा कि हालिया जनउभार के बाद देश में जो नई राजनीतिक वास्तविकताएं और संभावनाएं उभरी हैं, उनका उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “देश को आगे बढ़ाने के लिए सरकार और विपक्ष सहित सभी को मिलकर काम करना होगा।”

राष्ट्रीय एकता पर जोर देते हुए तारिक ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक अवसर का इस्तेमाल लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किया जाना चाहिए।

बैठक के दौरान डीयूएफ नेताओं ने 30 दिसंबर को बीएनपी अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए संवेदनाएं भी प्रकट कीं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, बैठक में देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर भी चर्चा हुई। वामपंथी दलों के नेताओं के मुताबिक, बीएनपी नेता ने देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंता जताई।

इस बीच, तारिक रहमान ने निष्पक्ष, स्वतंत्र और विश्वसनीय राष्ट्रीय चुनाव के महत्व पर जोर देते हुए सभी से एकजुट रहने का आह्वान किया।

बैठक के बाद बांग्लादेश समाजतांत्रिक दल (बीएसडी) के महासचिव बाजलुर राशिद फिरोज ने कहा, “उन्होंने (तारिक) हमें बताया कि 25 दिसंबर को देश लौटने के बाद उन्होंने अपने भाषणों में साफ किया कि मुक्ति संग्राम हमारी नींव है। मुक्ति संग्राम के बिना बांग्लादेश का अस्तित्व नहीं होता।”

17 वर्षों के स्व-निर्वासन के बाद तारिक रहमान 25 दिसंबर को बांग्लादेश लौटे। वह अपनी पत्नी जुबैदा रहमान और बेटी जैमा रहमान के साथ बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की उड़ान से ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे।

उनकी वापसी ऐसे समय हुई है जब बांग्लादेश चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि देश का 13वां राष्ट्रीय संसदीय चुनाव और जुलाई चार्टर पर जनमत संग्रह अगले वर्ष 12 फरवरी को आयोजित किया जाएगा।

विश्लेषकों का मानना है कि फरवरी 2026 के चुनावों में तारिक रहमान की वापसी और भागीदारी, मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के तहत चल रहे राजनीतिक उथल-पुथल के बीच हालात की परीक्षा होगी, जहां सरकार पर निष्पक्ष, स्वतंत्र और विश्वसनीय चुनाव कराने का दबाव बढ़ता जा रहा है।

--आईएएनएस

डीएससी

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