बांग्लादेश: संसदीय चुनाव से पहले हिंसक गतिविधियां बढ़ीं, लोगों में खौफ का माहौल

बांग्लादेश: संसदीय चुनाव से पहले हिंसक गतिविधियां बढ़ीं, लोगों में खौफ का माहौल

बांग्लादेश: संसदीय चुनाव से पहले हिंसक गतिविधियां बढ़ीं, लोगों में खौफ का माहौल

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IANS
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Bangladesh: Rising violence fuels fear ahead of February parliamentary election

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

ढाका, 13 जनवरी (आईएएनएस)। फरवरी में होने वाले संसदीय चुनावों से पहले बांग्लादेश में हिंसक वारदातें बढ़ रही हैं। टारगेट किलिंग और मॉब लिंचिंग के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। लोग बेखौफ असलहों और हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालात बद से बद्दतर होते जा रहे हैं जिससे आम लोगों के बीच खौफ का माहौल है।

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजनीतिक दुश्मनी, दबदबे की लड़ाई और निजी झगड़ों से जुड़ी हत्याएं बढ़ गई हैं, जिससे आम नागरिकों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।

पुलिस हेडक्वार्टर के डेटा का हवाला देते हुए, बांग्लादेश के प्रमुख दैनिक ढाका ट्रिब्यून ने बताया कि बीते साल जनवरी से नवंबर के बीच पूरे बांग्लादेश में 3,509 लोगों की हत्या हुई थी।

ढाका स्थित मानवाधिकार समूह आइन ओ सालिश केंद्र (एएसके) के अनुसार, पिछले साल राजनीतिक हिंसा में 102 लोगों की जान गई, जबकि 2023 में यह संख्या 45 थी।

बांग्लादेश के एक और मानवाधिकार संगठन, ह्यूमन राइट्स सपोर्ट सोसाइटी (एचआरएसएस) ने पिछले साल राजनीतिक हिंसा से जुड़ी 123 मौतों को डॉक्यूमेंट किया, जो 2023 में 96 थीं।

कट्टरपंथी इस्लामी नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद देश के हालात काफी बिगड़ गए हैं। हिंसा काफी बढ़ गई है। इस बीच कई राजनीतिक और जानी-मानी हस्तियों ने आत्मरक्षा के लिए बंदूकधारियों को अपनी सेवा में तैनात कर लिया है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 13 दिसंबर को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने पूरे देश में ऑपरेशन डेविल हंट फेज-2 शुरू करने का फैसला किया था। इसका मकसद चुनाव पूर्व हिंसा पर नकेल कसना बताया गया।

ऑपरेशन डेविल हंट फेज-2 के दौरान ही 7 जनवरी को, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के स्वयंसेवी विंग, जातीयताबादी स्वेच्छासेवक दल के एक नेता को ढाका में बंदूकधारियों ने गोली मार दी थी।

बताया गया कि स्वेच्छासेवक दल की ढाका नॉर्थ यूनिट के संयुक्त संयोजक अजीजुर रहमान मोसब्बिर, कारवां बाजार इलाके में एक स्टॉल पर चाय पी रहे थे, तभी कई हमलावर मोटरसाइकिलों पर आए, अंधाधुंध गोलियां बरसाईं, और वहां से फरार हो गए।

ढाका ट्रिब्यून से बात करते हुए, ढाका-12 निर्वाचन क्षेत्र के रिवोल्यूशनरी वर्कर्स पार्टी के महासचिव और बीएनपी समर्थित उम्मीदवार सैफुल हक ने कहा कि हादी और मुसब्बिर की हत्या ने मतदाताओं और उम्मीदवारों दोनों को खौफजदा कर दिया है।

हक ने कहा, “सरकार और चुनाव आयोग उम्मीद के मुताबिक सुरक्षा नहीं दे पा रहे हैं। इस स्थिति से निपटना होगा। निष्पक्ष और सफल चुनाव के लिए कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार होना चाहिए। नहीं तो, ऐसी हत्याएं जारी रहेंगी।”

चुनाव से पहले टारगेट किलिंग को रोकने के उपायों के बारे में पूछे जाने पर, बांग्लादेश के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आईजीपी) बहारुल आलम ने कहा कि हिंसक घटनाओं को रोकना बहुत मुश्किल है।

ढाका ट्रिब्यून ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के हवाले से कहा, “पुलिस सभी तरह के अपराधों को रोकने के लिए काम कर रही है। चुनाव से पहले कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऑपरेशन डेविल हंट फेज-2 चल रहा है।”

मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद से बांग्लादेश में हिंसक घटनाओं में वृद्धि हुई है और कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हुई है।

--आईएएनएस

केआर/

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