बांग्लादेश: चट्टोग्राम वकील हत्या मामले में चिन्मय कृष्ण दास समेत 39 पर आरोप तय

बांग्लादेश: चट्टोग्राम वकील हत्या मामले में चिन्मय कृष्ण दास समेत 39 पर आरोप तय

बांग्लादेश: चट्टोग्राम वकील हत्या मामले में चिन्मय कृष्ण दास समेत 39 पर आरोप तय

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IANS
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Chattogram: Chinmoy Krishna Das, a senior monk of the International Society for Krishna Consciousness (ISKCON), is produced in Chattogram Court by Bangladesh police

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

ढाका, 19 जनवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश की एक अदालत ने प्रमुख हिंदू नेता और बांग्लादेश संम्मिलितो सनातनी जागरण जोत के प्रवक्ता चिन्मय कृष्ण दास समेत 39 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए हैं। इन पर नवंबर 2024 में चटगांव अदालत के वकील सैफुल इस्लाम अलिफ की कोर्ट परिसर के बाहर कथित हत्या का आरोप है।

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चट्टोग्राम डिविजनल स्पीडी ट्रायल ट्रिब्यूनल के जज मोहम्मद जाहिदुल हक ने कार्यवाही के दौरान चिन्मय सहित 39 लोगों पर आरोप तय किए।

बांग्लादेश के प्रमुख अखबार, द डेली स्टार से बात करते हुए, शिकायतकर्ता के वकील और सहायक लोक अभियोजक रेहानुल वाजेद चौधरी ने कहा कि कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोप तय किए।

उन्होंने कहा, कोर्ट ने चिन्मय के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 और 109 के तहत आरोप तय किए और 22 अन्य लोगों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं के तहत आरोप लगाए।

उन्होंने आगे कहा कि 39 आरोपियों में से 23 फिलहाल हिरासत में हैं, जबकि 16 फरार हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए चिन्मय की कोर्ट में पेशी से पहले कोर्ट परिसर में बड़े पैमाने पर सुरक्षा तैनात की गई थी।

पुलिस के अनुसार, रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) और सेना के सदस्यों के साथ लगभग 900 कर्मियों को तैनात किया गया था।

द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, सुनवाई के दौरान चिन्मय ने खुद कोर्ट से आगे की जांच की मांग उठाई (इस दौरान उनके वकील पहुंचे नहीं थे) और अलीफ की हत्या में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, वकील अलिफ की हत्या 26 नवंबर, 2024 को चट्टोग्राम कोर्ट परिसर के बाहर हिंसक झड़प के दौरान हुई थी, जब देशद्रोह के मामले में चिन्मय की जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी।

चिन्मय को 25 नवंबर, 2024 को ढाका से गिरफ्तार किया गया था और अगले दिन चट्टोग्राम कोर्ट से जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया था। 11 दिसंबर को, उसी कोर्ट ने इस मामले में फिर से जमानत देने से इनकार कर दिया था।

चिन्मय की गिरफ्तारी का बांग्लादेश में हिंदू समुदाय ने बड़े पैमाने पर विरोध किया था।

शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार गिरने और मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम प्रशासन बनने के बाद से बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हमलों के मामले बढ़े हैं।

भारत ने हिंदू अल्पसंख्यक अधिकारों पर कड़ा रुख अपनाया है और बार-बार कहा है कि अंतरिम सरकार के तहत हिंदू अल्पसंख्यकों का सुनियोजित तरीके से उत्पीड़न हो रहा है।

--आईएएनएस

केआर/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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