ऑस्ट्रेलिया: बोंडी आतंकी हमले के पीड़ितों को संसद ने किया याद

ऑस्ट्रेलिया: बोंडी आतंकी हमले के पीड़ितों को संसद ने किया याद

ऑस्ट्रेलिया: बोंडी आतंकी हमले के पीड़ितों को संसद ने किया याद

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IANS
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Australian parliament honours victims of Bondi terror attack

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

कैनबरा, 19 जनवरी (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलिया की संघीय संसद ने सोमवार को बोंडी बीच हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक मिनट का मौन रखा। संसद आतंकी हमले के जवाब में प्रस्तावित नए कानूनों पर बहस करने के लिए बुलाई गई है।

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14 दिसंबर को हनुक्का उत्सव के दौरान बोंडी बीच पर यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर किए गए हमले के 15 पीड़ितों को याद करते हुए एक प्रस्ताव रखा गया, जिसके बाद एक मिनट का मौन रखा गया।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने भावुक अंदाज में कहा, इस दुख भरे क्षण में उन्हें याद करने के लिए हमारी संसद इकट्ठा हुई है ताकि उन लोगों को हमारे देश की संवेदनाएं दी जा सकें जो उन्हें सबसे अच्छी तरह जानते थे और प्यार करते थे।

अल्बानीज की लेबर पार्टी सरकार के सबसे प्रमुख यहूदी सदस्यों में से एक जोश बर्न्स ने कहा कि इस हमले पर ऑस्ट्रेलिया की प्रतिक्रिया देश को परिभाषित करेगी।

उन्होंने कहा, हमें एक-दूसरे को अमानवीय नहीं समझना चाहिए, क्योंकि अमानवीयता ही बोंडी घटना का कारण बनती है।

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने मंगलवार को घोषणा की थी कि सिडनी के बोंडी बीच आतंकी हमले के पीड़ितों के लिए 22 जनवरी को राष्ट्रीय शोक दिवस मनाया जाएगा।

कैनबरा में पार्लियामेंट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अल्बानीज ने कहा कि 14 दिसंबर को मशहूर बोंडी बीच पर यहूदी त्योहार हनुक्का मनाने वाले एक कार्यक्रम को निशाना बनाकर किए गए हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए 22 जनवरी को पूरे ऑस्ट्रेलिया में सभी सरकारी इमारतों पर झंडे आधे झुकाए जाएंगे।

अल्बानीज ने कहा कि इसका विषय प्रकाश की जीत होगा, जो एकता को प्रदर्शित करेगा।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री ने घोषणा की थी कि हमले के जवाब में नफरत फैलाने वाले भाषण और गन ओनरशिप लॉ को मजबूत करने संबंधी कानून बनाने के लिए फेडरल पार्लियामेंट को 19 जनवरी को गर्मियों की छुट्टी से दो हफ्ते पहले वापस बुलाया जाएगा।

अल्बानीज ने तब कहा, बोंडी बीच पर आतंकवादियों के दिमाग में नफरत थी लेकिन हाथों में बंदूकें थीं। यह कानून दोनों से निपटेगा, और हमें दोनों से निपटना होगा।

इस हमले में नवीद अकरम और उसके पिता साजिद ने 15 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में साजिद मारा गया था।

अधिकारियों ने कहा है कि यह हमला इस्लामिक स्टेट की विचारधारा से प्रेरित था।

--आईएएनएस

केआर/

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