नाल्को 0.5 मिलियन टन क्षमता बढ़ाएगी, ग्रीन एनर्जी पर भी होगा फोकस : सीएमडी

नाल्को 0.5 मिलियन टन क्षमता बढ़ाएगी, ग्रीन एनर्जी पर भी होगा फोकस : सीएमडी

नाल्को 0.5 मिलियन टन क्षमता बढ़ाएगी, ग्रीन एनर्जी पर भी होगा फोकस : सीएमडी

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IANS
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NALCO plans expansion, green power adoption towards Viksit Bharat goal: CMD

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

भुवनेश्वर, 19 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन विकसित भारत 2047 के तहत देश के लिए निर्धारित किए गए लक्ष्यों में योगदान देने हेतु नाल्को आने वाले समय में क्षमता में 0.5 मिलियन टन के विस्तार की योजना बना रही है और साथ ही कंपनी ग्रीन एनर्जी को अपनाने पर फोकस कर रही है। यह जानकारी नाल्को के सीएमडी बृजेन्द्र प्रताप सिंह की ओर से दी गई।

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देश की दिग्गज सरकारी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी नाल्को ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि वह अपने 2030 प्लान के तहत क्षमता विस्तार में 30,000 करोड़ रुपए के निवेश की योजना बना रही है। इसके द्वारा 0.5 मिलियन टन का स्मेलटर और 1,080 मेगावाट की क्षमता का थर्मल पावर प्लांट विकसित किया जाएगा।

उन्होंने आगे कहा, डीपीआर बनाने का काम पहले ही शुरू हो चुका है, और एक कंसल्टेंट की नियुक्ति की गई है जो डीपीआर तैयार करेगा, यह काम इस महीने पूरा हो सकता है। हमारा लक्ष्य इस साल जुलाई या अगस्त तक डीपीआर के लिए बोर्ड की मंजूरी हासिल करना है।

नाल्को का यह क्षमता विस्तार घरेलू बाजार में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए भारत में अपने अंगुल स्मेल्टर में ब्राउनफील्ड विस्तार के जरिए किया जाएगा।

प्रस्तावित विस्तार में बेहतरीन, पर्यावरण के अनुकूल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा जो ग्लोबल स्टैंडर्ड के बराबर होगी, और उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट 2030 में पूरा हो जाएगा।

क्षमता विस्तार के लिए नाल्को के तीन साल के विजन के बारे में पूछे जाने पर, सिंह ने कहा कि पहली प्राथमिकता एल्यूमिना प्लांट के पांचवीं स्ट्रीम को चालू करना है, साथ ही पोट्टांगी खदानों में ऑपरेशन शुरू करना है।

उन्होंने आईएएनएस को बताया, यह हमारा मुख्य लक्ष्य है। हम इस साल जून में पांचवीं स्ट्रीम के लिए कमीशनिंग प्रोसेस शुरू करने का प्लान बना रहे हैं, और पोट्टांगी खदानों में भी ऑपरेशन जून में शुरू होने वाले हैं। हम डाउनस्ट्रीम और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स के लिए 60,000 टन कैपेसिटी वाली वायर रॉड मिल लगाने का प्लान बना रहे हैं।

एक सवाल के जवाब में, उन्होंने कहा कि नाल्को को अपने प्राइवेट सेक्टर के प्रतिद्वंद्वियों वेदांता और हिंडाल्को से ज्यादा फायदा है क्योंकि उसके पास अपनी बॉक्साइट और कोयले की खदानें हैं, जिससे कच्चे माल की लागत कम होती है और बहुत अच्छा बैकवर्ड इंटीग्रेशन मिलता है। उन्होंने आगे कहा कि इससे कंपनी को कॉम्पिटिटिव बढ़त भी मिलती है।

--आईएएनएस

एबीएस/

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