अदाणी पोर्ट्स ने मुंद्रा बंदरगाह पर भारत के पहले पूर्णतः भरे हुए कच्चे तेल वाहक पोत का स्वागत किया

अदाणी पोर्ट्स ने मुंद्रा बंदरगाह पर भारत के पहले पूर्णतः भरे हुए कच्चे तेल वाहक पोत का स्वागत किया

अदाणी पोर्ट्स ने मुंद्रा बंदरगाह पर भारत के पहले पूर्णतः भरे हुए कच्चे तेल वाहक पोत का स्वागत किया

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IANS
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Adani Ports berths India’s 1st-ever fully laden Very Large Crude Carrier at Mundra Port

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

अहमदाबाद, 8 जनवरी (आईएएनएस)। भारत के समुद्री इतिहास में गुरुवार का दिन काफी महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) ने भारत के पहले पूर्णतः भरे हुए कच्चे तेल वाहक पोत का स्वागत किया है।

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अदाणी समूह की कंपनी ने एक बयान में कहा कि 3.3 लाख घन मीटर की कुल माल ढुलाई क्षमता वाले माउंट न्यू रेनॉउन के डॉकिंग के साथ, मुंद्रा भारत का पहला बंदरगाह बन गया है जो बर्थ पर पूरी तरह से लदे वीएलसीसी (वैरी लार्ज क्रूड कंटेनर) को संभालने में सक्षम है।

बयान में आगे कहा गया कि तेज धाराओं, हवाओं और समुद्री लहरों जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में माउंट न्यू रेनॉउन का संचालन सफलतापूर्वक किया गया, जो एपीएसईजेड की समुद्री टीम और बंदरगाह प्रबंधन की विशेषज्ञता, समन्वय और उत्कृष्ट परिचालन क्षमता को दर्शाता है।

मुंद्रा का वीएलसीसी जेटी 489 किलोमीटर लंबी कच्चे तेल की पाइपलाइन के माध्यम से बाड़मेर स्थित एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी से निर्बाध रूप से जुड़ा हुआ है, जो भारत की सबसे रणनीतिक रिफाइनिंग एसेट्स में से एक है।

यह सीधा संपर्क भारत की ऊर्जा सुरक्षा, बड़े पैमाने पर कच्चे तेल के आयात की दक्षता, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और गुजरात एवं राजस्थान में क्षेत्रीय आर्थिक विकास को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाता है।

बंदरगाह सुविधा पूरी तरह से भरे हुए वीएलसीसी को अधिकतम विस्थापन पर डॉक करने की अनुमति देती है, जो भारत के कच्चे तेल की लॉजिस्टिक्स में एक क्रांतिकारी बदलाव का प्रतिनिधित्व करती है, जिससे सीधे जेटी संचालन के माध्यम से कच्चे तेल की सुरक्षित, तेज और अधिक लागत प्रभावी हैंडलिंग संभव हो पाती है।

कंपनी ने बताया कि पूरी तरह से लदे वीएलसीसी जहाजों के लिए सीधे जेटी बर्थिंग की सुविधा दुनिया भर के केवल सीमित संख्या में बंदरगाहों पर ही उपलब्ध है, क्योंकि इन जहाजों की ड्राफ्ट, विस्थापन और बुनियादी ढांचे की आवश्यकताएं बहुत अधिक होती हैं।

कंपनी ने आगे कहा कि इस उपलब्धि के साथ, मुंद्रा बंदरगाह अब चुनिंदा वैश्विक कच्चे तेल संचालन केंद्रों में शामिल हो गया है, जिससे वैश्विक समुद्री और ऊर्जा मानचित्र पर भारत की स्थिति मजबूत हुई है। मुंद्रा की उन्नत पोत संचालन क्षमता से अपतटीय सिंगल पॉइंट मूरिंग (एसपीएम) या लाइटरिंग संचालन पर निर्भरता समाप्त हो गई है, जिनका उपयोग पारंपरिक रूप से ऐसे बड़े जहाजों के लिए किया जाता था।

अदाणी ग्रुप के मुताबिक, मुंद्रा पोर्ट 2024-25 में एक ही वर्ष में 200 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) से अधिक माल संभालने वाला भारत का पहला बंदरगाह बन गया, जो इसकी अद्वितीय क्षमता और परिचालन को दिखाता है।

--आईएएनएस

एबीएस/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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