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कोरोना वायरस से इंसानी जान को बचाने में फिर काम आएंगे घोड़े, एंटीसेरा ट्रायल को मिली मंजूरी

भारत में कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) से लोगों को बचाने के लिए एक बार फिर घोड़ों की मदद ली जाएगी.

News Nation Bureau | Edited By : Sunil Mishra | Updated on: 07 Oct 2020, 02:52:37 PM
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कोरोना वायरस से इंसानी जान को बचाने में फिर काम आएंगे घोड़े (Photo Credit: File Photo)

नई दिल्ली:

भारत में कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Epidemic) से लोगों को बचाने के लिए अब घोड़ों की मदद ली जाएगी. भारत के औषधि महानियंत्रक ने कोरोना महामारी के संभावित इलाज 'एंटीसेरा' का इंसानों पर ट्रायल के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) को मंजूरी दे दी है. ICMR के अफसरों का कहना है कि 'एंटीसेरा (Antisera) घोड़ों में अक्रिय Sars-Cov-2 (वायरस) का इंजेक्शन देकर विकसित किया गया है. एंटीसेरा एक खास तरह का ब्लड सीरम है, जिसमें किसी विशेष रोगाणु से लड़ने की क्षमता रखने वाले एंटीबॉडी की मात्रा अधिक होती है और किसी भी संक्रमण से लड़ने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए मनुष्य को यह इंजेक्शन के माध्यम से दिया जाता है.

ICMR के महानिदेशक (Director General) डॉ. बलराम भार्गव ने मंगलवार को कहा, 'ICMR ने हैदराबाद स्थित फार्मास्युटिकल कंपनी बायोलॉजिकल ई. लिमिटेड के साथ मिलकर एंटीसेरा का विकास किया है. हमें औषधि महानिदेशक की ओर से उसके क्लीनिकल ट्रायल (Clinical Trial) की अनुमति मिल गई है.'

ICMR ने कहा था, 'Covid-19 से लड़कर ठीक हो चुके मरीजों से लिए गए प्लाज्मा भी इस उद्देश्य को पूरा करने में सहायक साबित हो सकते हैं. हालांकि एंटीबॉडी का प्रोफाइल, उसका प्रभावीपन एक से दूसरे मरीजों में भिन्न होता है. ऐसे में ये Covid-19 मरीजों के प्रबंधन के लिए अविश्वसनीय बनाता है.'

एंटीसेरा का इससे पहले वायरल, बैक्टीरियल इन्फेक्शन, रैबीज, हेपेटाइटस बी, वैक्सीनिया वायरस, टेटनस, बोटूलिज्म और डायरिया के इलाज में इस्‍तेमाल किया जा चुका है.

First Published : 07 Oct 2020, 04:26:48 PM

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