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Parenting Tips: 1-2 साल के बच्चों को कौन से फल खिलाने से क्या फायदे मिलता है

Parenting Tips: अगर आपके बच्चे की उम्र 1 से 2 साल के बीच है और आप सोच रहे हैं कि उसे क्या खिलाएं तो यहां दिए गए टिप्स आपके बहुत काम आ सकते हैं. जानिए इसके बारे में...

Updated on: 13 Mar 2024, 11:40 AM

New Delhi:

Parenting Tips: 1-2 साल के बच्चों को आम, केला, सेब, नाशपाती, अंगूर, अनार जैसे स्वादिष्ट और पोषण से भरपूर फल खिलाने से कई फायदे मिलते हैं. ये फल बच्चों को आवश्यक विटामिन, मिनरल्स, और पोषक तत्व प्रदान करते हैं जो उनके सही विकास और स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण होते हैं. इन फलों में फाइबर, विटामिन सी, बीटा-कैरोटीन, और अन्य पोषक तत्व होते हैं जो बच्चों के प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाते हैं और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं. इनके साथ ही, ये फल बच्चों के मस्तिष्क के विकास, रक्त परिसंचरण, और शारीरिक विकास में भी मददगार होते हैं. इसके अलावा, ये फल बच्चों की चबाने की क्षमता को बढ़ाते हैं और उन्हें स्वस्थ और तंदुरुस्त बनाए रखने में मदद करते हैं. 1-2 साल के बच्चों के लिए फल एक महत्वपूर्ण आहार स्त्रोत हैं. फल बच्चों को आवश्यक पोषक तत्व, जैसे कि विटामिन, खनिज, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करते हैं. फल बच्चों को स्वस्थ रहने और विकसित होने में मदद करते हैं.

1-2 साल के बच्चों के लिए फल और उनके फायदे:

1. केला: केले में पोटेशियम की मात्रा अधिक होती है जो बच्चों को मांसपेशियों की कार्यप्रणाली, हृदय स्वास्थ्य और रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है. विटामिन B6 की मात्रा भी अधिक होती है जो बच्चों को मस्तिष्क के विकास, ऊर्जा उत्पादन और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करता है.

2. सेब: सेब में फाइबर की मात्रा अधिक होती है जो बच्चों को पाचन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और कब्ज को रोकने में मदद करता है. विटामिन C की मात्रा भी अधिक होती है जो बच्चों को प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने और एलर्जी से बचाने में मदद करता है.

3. संतरा: संतरे में विटामिन C की मात्रा सबसे अधिक होती है जो बच्चों को प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने, एलर्जी से बचाने और सर्दी-जुकाम से लड़ने में मदद करता है. फोलेट की मात्रा भी अधिक होती है जो बच्चों को मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के विकास में मदद करता है.

4. अंगूर: इसमें एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा अधिक होती है जो बच्चों को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं. अंगूर में विटामिन K की मात्रा भी अधिक होती है जो बच्चों को रक्त के थक्के बनने में मदद करता है.

5. स्ट्रॉबेरी: स्ट्रॉबेरी में विटामिन C की मात्रा अधिक होती है जो बच्चों को प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने और एलर्जी से बचाने में मदद करता है. मैंगनीज की मात्रा भी अधिक होती है जो बच्चों को हड्डियों और दांतों के विकास में मदद करता है.

इस तरह खिलाएं फल: बच्चों को फल को छोटे-छोटे टुकड़ों में खिलाएं ताकि उन्हें निगलने में आसानी हो. फल को अच्छी तरह से चबाने के लिए प्रोत्साहित करें. अलग-अलग तरह के फल खिलाएं ताकि उन्हें हर पोषक तत्व मिल सकें. बच्चों को फ्रेश फल ही खिलाएं. फल के साथ दही या दूध मिलाकर खिला सकते हैं.