इन लक्षणों से पहचानें कहीं आपको दिल की बीमारी तो नहीं

दिल के स्वस्थय रहने से व्यक्ति वीमारियों से मुक्त रहता है.

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yogesh bhadauriya
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इन लक्षणों से पहचानें कहीं आपको दिल की बीमारी तो नहीं

दिल के स्वस्थय रहने से व्यक्ति वीमारियों से मुक्त रहता है

हार्ट शरीर का एक महत्त्वपूर्ण अंग है जिसे आम भाषा में दिल भी कहते हैं. इसके स्वस्थय रहने से व्यक्ति वीमारियों से मुक्त रहता है. यह एक दिन में लगभग एक लाख बार एवं एक मिनट में 60-90 बार धड़कता है. यह हर धड़कन के साथ शरीर में रक्त को धकेलता करता है. दिल को पोषण एवं ऑक्सीजन, रक्त के द्वारा मिलता है जो कोरोनरी धमनियों द्वारा प्रदान किया जाता है.

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वहीं हार्ट के रोग को पहले बड़े-बूढ़ों की बीमारी कहा जाता था लेकिन बदलते समय के साथ अब यह युवाओं को भी अपने चपेट में ले रही है. इसकी सबसे मुख्य वजह हमारा तनावर्पूण होती जीवनशैली है, शारीरिक श्रम न करना, धूम्रपान और तंबाकू का सेवन.

दो भागों में विभाजित होता है दिल

हमारा दिल दो भागों में विभाजित होता है, दायां एवं बायां. दिल के दाहिने एवं बाएं, प्रत्येक ओर दो चैम्बर (एट्रिअम एवं वेंट्रिकल नाम के) होते हैं. कुल मिलाकर हृदय में चार चैम्बर होते हैं. दाहिना भाग शरीर से दूषित रक्त प्राप्त करता है एवं उसे फेफडों में पम्प करता है और रक्तफेफडों में शोधित होकर ह्रदय के बाएं भाग में वापस लौटता है जहां से वह शरीर में वापस पम्प कर दिया जाता है. चार वॉल्व, दो बाईं ओर (मिट्रल एवं एओर्टिक) एवं दो हृदय की दाईं ओर (पल्मोनरी एवं ट्राइक्यूस्पिड) रक्त के बहाव को निर्देशित करने के लिए एक-दिशा के द्वार की तरह कार्य करते हैं.

हार्टअटैक के लक्षण -

बहुत पसीना आना

बेचैनी

उलझन

चक्कर आना

सांस लेने में परेशानी

मितली आना

दिल के बीच में कसाव होना

हार्ट प्रोब्लेम्स के लक्षण 

जन्मजात दिल की खराबियों वाले कई व्यक्तियों में बहुत ही कम या कोई लक्षण नहीं पाये जाते. इसके साथ ही गंभीर प्रकार की खराबियों में लक्षण दिखाई देते हैं विशेषकर नवजात शिशुओं में. इन लक्षणों में सामान्यतः तेजी से सांस लेना, त्वचा, ओठ और उंगलियों के नाखूनों में नीलापन, थकान और खून का संचार कम होना शामिल है. वहीं बड़े बच्चे व्यायाम करते समय या अन्य क्रियाकलाप करते समय जल्दी थक जाते हैं या तेज सांस लेने लगते हैं."

हार्ट प्रोब्लेम्स के कारण

हार्ट प्रोब्लेम्स का सबसे प्रमुख कारण धूम्रपान करना, पारिवार में किसी को हार्ट की बीमारी होना, बहुत ज्यादा मोटापा, मधुमेह और उच्च रक्तचाप होना, सुस्त जीवनशैली का का होना, दैनिक जीवन में शारीरिक श्रम न करना, बहुत ज्यादा तनाव लेना और फास्टफूड का सेवन करना.

समय रहते हार्ट प्रोब्लेम्स या हार्ट अटैक से बचने के उपाय क्या हैं ?

अगर परिवार में या आपको खुद मधुमेह है, रक्तचाप है या आपका कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है तो सबसे पहले इन बीमारियों का इलाज कराएं. इसके अलावा अगर आप शारीरिक श्रम नहीं करते हैं तो इसे तुरंत शुरू कर दें. रोजाना कम से कम 30 से 45 मिनट व्यायाम करें. धूम्रपान करते हैं तो इसे तुरंत छोड़ दें, बाहर के खाने से बचें. खूब सारा फल और हरी सब्जियां खाएं. इस तरह से आप खुद को हृदय रोग से बचा सकते हैं.

Source : News Nation Bureau

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