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पान के पत्ते खाने से दूर होती है सर्दी-जुकाम, फेफड़ों के लिए है लाभकारी

सोशल मीडिया पर ये भी अफवाह उड़ी थी कि पान के पत्ते खाने से कोरोना नहीं होता, हालांकि ये बिल्कुल भी सही नहीं है. पान के पत्ते से कोरोना का इलाज तो नहीं होता लेकिन इसके इस्तेमाल से सर्दी-जुकाम और फेफड़ों से संबंधित बीमारी जरूर ठीक की जा सकती है. 

News Nation Bureau | Edited By : Karm Raj Mishra | Updated on: 11 May 2021, 12:03:10 PM
Betel Leaves

Betel Leaves (Photo Credit: News Nation)

highlights

  • आयुर्वेद में पान के पत्ते के कई लाभ बताए गए हैं
  • पान के पत्ते के सेवन से फेफड़े से संबधित बीमारियों में लाभ मिलता है

नई दिल्ली:

पान के बारे में (About Betel Leaf or Paan) तो सभी जानते होंगे. पान के पत्ते को खाने के अलावा पूजा-पाठ में भी खूब इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन क्या कभी आपने पान के पत्तों को सेहत सम्बन्धी किसी दिक्कत को दूर करने के लिए इस्तेमाल (Used to overcome a problem) किया है? पुराने जमाने में होठों को लाल करने के लिए पान के पत्तों का इस्तेमाल किया जाता था. मौजूदा दौर में लोग पान के पत्ते में सुपाड़ी डालकर खाते है. सोशल मीडिया पर ये भी अफवाह उड़ी थी कि पान के पत्ते खाने से कोरोना नहीं होता, हालांकि ये बिल्कुल भी सही नहीं है. पान के पत्ते से कोरोना का इलाज तो नहीं होता लेकिन इसके इस्तेमाल से सर्दी-जुकाम और फेफड़ों से संबंधित बीमारी जरूर ठीक की जा सकती है. 

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सांस से संबंधी समस्या

आयुर्वेद में पान के पत्तों के काफी गुण बताए गए हैं. आयुर्वेद के अनुसार सर्दी, बुखार जैसी समस्याओं को ठीक करने में भी पान के पत्ते बेहद फायदेमंद साबित होते हैं. छाती में जकड़न और फेफड़ों की समस्या में पान के पत्तों का सेवन करना चाहिए. इनके सेवन से धीरे- धीरे शरीर का उपचार होने लगता है. यदि ठीक से सांस नहीं ले पा रही हैं तो गर्म पानी में पान के पत्तों के साथ लौंग और इलायची को उबालते रहें जब पाना आधा हो जाए तो इस पानी का सेवन करें. ऐसा करने से फेफड़ों में आई सूजन भी कम होती है. दिन में दो बार इसका सेवन करें. 

सर्दी-जुकाम से राहत मिलती है

पान के पत्तों के इस्तेमाल से सर्दी-ज़ुकाम से राहत मिलती है. इसके लिए आप पान के पत्तों से डंठल को अलग कर लें. फिर इन डंठलों को पत्थर पर घिस लें और इसमें थोड़ा सा शहद मिला कर इसका सेवन करें. इस से सर्दी-ज़ुकाम के साथ कफ में भी आराम मिलता है.

ब्रेस्ट स्वेलिंग को दूर करता है

कई प्रसूतायें किसी भी वजह से अपने नवजात शिशु को दूध नहीं पिला पाती हैं, इस वजह से उनके ब्रेस्ट में काफी स्वेलिंग आ जाती है. इस स्वेलिंग को दूर करने के लिए पान के पत्तों को हल्का गर्म करके उनके ब्रेस्ट पर बांध सकते हैं. इसे बांधने से स्वेलिंग कम होती है.

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सिरदर्द

पान के पत्तों में एनाल्जेसिक गुण पाए जाते हैं. यदि आप कहीं बाहर से आ रहे है और खूब सिरदर्द हो रहा है तो आप कुछ देर के लिए लेट जाएं और पान के पत्तों को गीला करके अपने माथे पर रख लें. इससे आपको जल्द ही राहत मिलेगी. उसके अलावा यदि अधिकतर आपको सिरदर्द की समस्या होती रहती है तो पान के तेल को सिर पर लगाएं. 

ह्रदय रोग

आयुर्वेद में ह्रदय रोग में पान का उपयोग भी बेहद लाभकारी बताया है. पान का शर्बत पीने से ह्रदय को ताकत मिलती है. बार-बार ह्रदय रोग नहीं होता है, दिल के दौरे के आने की संभावना भी बेहद हद तक कम होती है यदि आप नियमित रूप से पान का सेवन करते हैं. बना हुआ पान खाने की बजाय दिल के मरीजों को सिर्फ पान का पत्ता खाना चाहिए. मीठा पान खाने से उन्हें नुकसान पहुंच सकता है. 

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. News Nation इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञों से परामर्श जरूर कर लीजिए.)

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First Published : 11 May 2021, 11:59:34 AM

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