ग्रीनलैंड पर घमासान के बीच ट्रंप ने लिया यू-टर्न, बोले-यूरोपीय देशों पर एक फरवरी से नहीं लगेगा टैरिफ

ग्रीनलैंड पर घमासान के बीच ट्रंप ने लिया यू-टर्न, बोले-यूरोपीय देशों पर एक फरवरी से नहीं लगेगा टैरिफ

ग्रीनलैंड पर घमासान के बीच ट्रंप ने लिया यू-टर्न, बोले-यूरोपीय देशों पर एक फरवरी से नहीं लगेगा टैरिफ

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IANS
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Washington, D.C.: Trump Speaks At White House

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 22 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में अपनी शर्तों पर व्यापार करने के लिए दुनिया के कई देशों पर टैरिफ लगाया। भारत भी उन देशों में से एक है। ग्रीनलैंड को लेकर मामला गरमाने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने यूरोपीय देशों पर 1 फरवरी से टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया था, लेकिन अब ट्रंप अपने फैसले से यू-टर्न लेते नजर आ रहे हैं।

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ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड को लेकर उन्होंने नाटो महासचिव के साथ फ्रेमवर्क तैयार किया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, नाटो के सेक्रेटरी जनरल मार्क रूट के साथ मेरी बहुत अच्छी मीटिंग हुई, जिसके आधार पर हमने ग्रीनलैंड और असल में पूरे आर्कटिक इलाके के लिए भविष्य की डील का फ्रेमवर्क बनाया है। अगर यह सॉल्यूशन पूरा होता है, तो यह अमेरिका और सभी नाटो देशों के लिए बहुत अच्छा होगा।

ट्रंप ने आगे लिखा, इस समझ के आधार पर मैं वे टैरिफ नहीं लगाऊंगा जो 1 फरवरी से लागू होने वाले थे। ग्रीनलैंड से जुड़े मिसाइल डिफेंस शील्ड द गोल्डन डोम के बारे में और बातचीत हो रही है। बातचीत आगे बढ़ने पर और जानकारी दी जाएगी। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो, खास दूत स्टीव विटकॉफ, और जरूरत पड़ने पर कई दूसरे लोग बातचीत के लिए जिम्मेदार होंगे। वे सीधे मुझे रिपोर्ट करेंगे।

इससे पहले ट्रंप ने दावोस में बंटे हुए यूरोप पर निराशा जाहिर की और अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने कहा, यहां दूसरी बार इतने सारे दोस्तों और कुछ दुश्मनों के बीच आकर अच्छा लग रहा है।

ट्रंप ने कहा कि यूरोप की इमिग्रेशन पॉलिसी और आर्थिक नीतियों के नतीजे विनाशकारी हुए हैं, जबकि इसके मुकाबले अमेरिका में आर्थिक चमत्कार देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा, मुझे यूरोप से प्यार है और मैं चाहता हूं कि यूरोप आगे बढ़े, लेकिन वह सही दिशा में नहीं जा रहा है। लगातार बढ़ता सरकारी खर्च, बिना नियंत्रण का बड़े पैमाने पर प्रवासन और अंतहीन विदेशी आयात इसके लिए जिम्मेदार हैं।

ट्रंप ने कहा है कि आर्थिक मामलों में यूरोप को अमेरिका जैसा बनना चाहिए और वही करना चाहिए जो अमेरिका कर रहा है। इसके साथ ही ट्रंप ने बिना रोक-टोक के बड़े पैमाने पर माइग्रेशन और यूरोप के ग्रीन एनर्जी फोकस पर हमला किया। उन्होंने दावा किया कि यूरोप में कुछ जगहें सच में पहचानने लायक नहीं रही हैं।

उन्होंने कहा कि दोस्त अलग-अलग जगहों से वापस आते हैं और नेगेटिव तरीके से कहते हैं कि मैं इसे पहचान नहीं पा रहा हूं।

--आईएएनएस

केके/वीसी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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