News Nation Logo
Banner

राहुल गांधी के ब्रिटिश नागरिकता रखने के मामले पर क्या कह चुका है सुप्रीम कोर्ट

गृह मंत्रालय ने राहुल गांधी को ब्रिटिश नागरिक होने के आरोपों पर स्थिति साफ करने को कहा है.

News Nation Bureau | Edited By : Yogesh Bhadauriya | Updated on: 01 May 2019, 11:28:05 AM
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी

नई दिल्ली:

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता के सवाल पर देश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. गृह मंत्रालय ने राहुल गांधी को ब्रिटिश नागरिक होने के आरोपों पर स्थिति साफ करने को कहा है. इसके लिए कांग्रेस अध्यक्ष को 15 दिन का समय दिया गया है. गृह मंत्रालय ने यह नोटिस बीजेपी सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी की शिकायत पर जारी किया है. जाहिर है चौथे चरण का चुनाव खत्म होने के बाद जारी किए गए नोटिस को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है..

यह भी पढ़ें- गांधी टाइटिल को लेकर उमा भारती का कांग्रेस पर हमला, पीएम मोदी के लिए कही ये बड़ी बात


कांग्रेस ने राहुल को बताया जन्मजात भारतीय

वहीं विदेशी नागरिकता की शिकायत पर राहुल गांधी को मिले केंद्र के नोटिस पर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर पलटवार किया है. इस सवाल का जवाब देते हुए कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि 'पूरी दुनिया जानती है कि राहुल गांधी जन्म से भारतीय नागरिक हैं. उन्होंने कहा, मोदी जी के पास बेरोजगारी के लिए कोई जवाब नहीं है, मोदी जी के पास कृषि संकट और काले धन का कोई जवाब नहीं है, इसीलिए वे ध्यान हटाने के लिए अपने सरकार के नोटिस के माध्यम से फर्जी कहानी का सहारा ले रहे हैं.'

उन्होंने कहा, मोदी जी के पास बेरोजगारी के लिए कोई जवाब नहीं है. मोदी जी के पास कृषि संकट और काले धन का कोई जवाब नहीं है, इसीलिए वे ध्यान हटाने के लिए अपने सरकार के नोटिस के माध्यम से फर्जी कहानी का सहारा ले रहे हैं.'

इसके अलावा लोकतांत्रिक जनता दल प्रमुख शरद यादव ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की नागरिकता का मुद्दा उठाने के लिए बीजेपी पार्टी की निंदा करते हुए मंगलवार को कहा कि बीजेपी ने राजनीति को ‘बहुत तुच्छ'' बना दिया है. शरद यादव ने कहा, ‘मैं भाजपा द्वारा राहुल गांधी की नागरिकता का मुद्दा उठाए जाने की कड़ी निंदा करता हूं. जब राजग को भरोसा हो गया है कि वह सरकार नहीं बना पाएगी तो वह ऐसे गैर-मुद्दे बाजार में फैला रही है. मुझे कहते हुए दुख हो रहा है कि भाजपा ने पिछले पांच साल में राजनीति को काफी तुच्छ बना दिया. यह पार्टी हमेशा या तो झूठे वादों या गैर मुद्दों में उलझी रहती है.'उन्होंने कहा, ‘आम जनता को ऐसी चीजों से कोई लेना-देना नहीं है. उन्हें बस इससे मतलब है कि कोई पार्टी तथा सरकार उनके कल्याण और विकास के लिए क्या कर रही है.'

राजनाथ सिंह ने क्या कहा-

इस पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह (Home Minister Rajnath Singh) ने कहा, संसद सदस्य ने राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर शिकायत की तो जवाब मांगा गया. इसे राजनीति से जोड़कर नहीं देखना चाहिए. सामान्य प्रक्रिया के तहस नोटिस जारी हुआ है. उन्होंने आगे कहा. इसे चुनाव से भी जोड़कर नहीं देखना चाहिए.

वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने पूछा है कि कौन सा राहुल सच्चा है. राहुल लंदन वाले या लुटियंस वाले?

क्या है पूरा मामला

गांधी परिवार के मुखर आलोचक रहे डॉ सुब्रह्मण्यम स्वामी ने यह आरोप सबसे पहले वर्ष 2015 में लगाया था, और उसके बाद वह इसे अक्सर दोहराते रहे हैं. वर्ष 2016 में राहुल गांधी ने BJP नेता पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया था और दस्तावेजी सबूत लाकर आरोपों को साबित करने की चुनौती दी थी.

शिकायत के अनुसार, 17 फरवरी, 2009 को दी गई कंपनी की डिसॉल्यूशन अर्जी में भी राहुल गांधी की नागरिकता ब्रिटिश बताई गई है. गृह मंत्रालय ने कहा है, "आपसे आग्रह है कि इस मामले में वास्तविक स्थिति से इस खत के मिलने के एक पखवाड़े के भीतर मंत्रालय को अवगत कराएं.

क्या कहा गृह मंत्रालय ने

गृह मंत्रालय में निदेशक बी.सी. जोशी द्वारा जारी खत में कहा गया है, "मुझे यह कहने का निर्देश प्राप्त हुआ है कि इस मंत्रालय को डॉ सुब्रह्मण्यम स्वामी की ओर से एक शिकायत मिली है, जिसमें जानकारी दी गई है कि बैकऑप्स लिमिटेड नामक कंपनी को वर्ष 2003 में यूनाइटेड किंगडम में रजिस्टर किया गया था, जिसका पता 51 साउथगेट स्ट्रीट, विंचेस्टर, हैम्पशर SO23 9EH था, और आप उसके निदेशकों में से एक तथा सचिव थे."

संसद में पहले भी उठ चुका है मामला

संसद की आचार समिति में वर्ष 2016 में इस मामले को उठाया गया था, जिसके अध्यक्ष भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी हैं. राहुल गांधी उस समय कांग्रेस अध्यक्ष नहीं थे, और उन्होंने कथित तौर पर समिति के समक्ष कहा था कि वह चकित हैं कि उनकी ब्रिटिश नागरिकता की शिकायत का संज्ञान लिया गया है, जबकि यह व्यवस्थित भी नहीं. उन्होंने यह भी कहा था कि इस तरह का कोई आवेदन ब्रिटिश गृह विभाग में उपलब्ध होगा. रपटों के अनुसार, उन्होंने कहा था कि उन्होंने कभी भी ब्रिटिश नागरिकता पाने की कोशिश नहीं की और यह शिकायत उनकी छवि खराब करने की एक साजिश का हिस्सा है.

गांधी की नागरिकता का मुद्दा भाजपा के राज्यसभा सदस्य सुबह्मण्यम स्वामी ने उठाया था. इस पर कांग्रेस नेता ने उस समय शिकायतकर्ता को चुनौती दी थी कि वह अपने आरोप के समर्थन में उनके ब्रिटिश पासपोर्ट की संख्या और प्रासंगिक दस्तावेज पेश करे. रिकॉर्ड के अनुसार, इस मामले को भाजपा सांसद महेश गिरी ने भी उठाया था.

बीजेपी नेताओं ने कहा था कि ब्रिटेन स्थित बैकॉप्स के वार्षिक रिटर्न में राहुल को एक ब्रिटिश नागरिक घोषित किया गया है. राहुल को इस कंपनी से जोड़ा जा रहा है. कांग्रेस नेता ने बाद में इसे 'अनजाने में हुई गलती' और 'लिखने में हुई गलती' बताया था. आचार समिति के एक सदस्य भगत सिंह कोशियारी ने कहा कि पिछले दो वर्षो में संसद की आचार समिति की कोई बैठक नहीं हुई. "मुझे नहीं लगता कि समिति की कोई बैठक पिछले दो सालों में हुई है."

वहीं दिसंबर 2015 में सर्वोच्च न्यायालय ने नागरिकता के संबंध में पेश किए गए सबूतों को खारिज कर दिया था. याचिका वकील एम.एल. शर्मा ने दायर की थी, जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने फर्जी बताया था. न्यायालय ने उस समय दस्तावेजों की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए थे. तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश एच.एल. दत्तू की अध्यक्षता वाली पीठ ने पूछा था, "आपको कैसे पता कि ये दस्तावेज प्रामाणिक है?" शर्मा द्वारा सुनवाई पर जोर दिए जाने पर न्यायमूर्ति दत्तू ने शर्मा से कहा था, "मेरी सेवानिवृत्ति के बस दो दिन शेष बचे हैं. आप मुझे मजबूर मत कीजिए कि मैं आपके ऊपर जुर्माना लगा दूं."

First Published : 01 May 2019, 10:26:24 AM

For all the Latest Elections News, General Elections News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.