फ्रांस में किसानों का विरोध प्रदर्शन, ईयू-मार्कोसुर समझौते को लेकर लोगों में नाराजगी

फ्रांस में किसानों का विरोध प्रदर्शन, ईयू-मार्कोसुर समझौते को लेकर लोगों में नाराजगी

फ्रांस में किसानों का विरोध प्रदर्शन, ईयू-मार्कोसुर समझौते को लेकर लोगों में नाराजगी

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IANS
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Pairs : A view of the Eiffel Tower before the start of Paris 2024 Olympics

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

पेरिस, 8 जनवरी (आईएएनएस)। फ्रांस में सरकार के विरोध में वहां के किसान सड़कों पर उतर आए हैं। किसानों का यह गुस्सा यूरोपियन यूनियन और दक्षिण अमेरिकी ब्लॉक मर्कोसुर के बीच होने वाले मुक्त व्यापार समझौते को लेकर है। इसके साथ ही देश में मैक्रों सरकार जानवरों से जिस तरह से निपट रही है, उसे लेकर भी लोगों में काफी नाराजगी है।

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सरकार के रवैये से नाराज लोग विरोध करते हुए गुरुवार को एफिल टावर तक पहुंच गए। किसानों ने गुरुवार को पेरिस में अलग-अलग जगहों पर चक्का जाम कर दिया।

किसानों ने शहर में घुसने के लिए पुलिस चेकपॉइंट्स को पार किया, चैंप्स-एलिसीस एवेन्यू पर गाड़ी चलाई, और सुबह होने से पहले आर्क डी ट्रायम्फ स्मारक के आसपास सड़क ब्लॉक कर दी।

राइट विंग सहयोजक रूराले यूनियन ने राजधानी में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। उन्हें डर है कि इससे देश में सस्ते खाने के इंपोर्ट की बाढ़ आ सकती है। इसके साथ ही मैक्रों सरकार जिस तरह से मवेशियों की बीमारी से निपट रही है, उसे लेकर भी वहां की जनता में आक्रोश है।

मध्य फ्रांस के विएने में यूनियन के उपाध्यक्ष स्टीफन पेलेटियर ने बताया, हम गुस्से और निराशा के बीच हैं। हमें मर्कोसुर की तरह अकेलापन महसूस हो रहा है। हमें स्पेस शटल, एयरबस या कार के लिए छोड़ दिया गया है।

सरकार की प्रवक्ता मॉड ब्रेगियन ने फ्रांस इन्फो रेडियो को बताया कि मोटरवे को ब्लॉक करना या नेशनल असेंबली के सामने इकट्ठा होने की कोशिश करना गैर-कानूनी है। यह विरोध प्रदर्शन यूरोपीय आयोग के उस प्रस्ताव के कुछ दिनों बाद हुआ, जिसमें किसानों को ईयू फंडिंग के तहत 45 अरब यूरो पहले जारी करने और मर्कोसुर के समर्थन को लेकर हिचक रहे देशों को मनाने के लिए कुछ उर्वरकों पर आयात शुल्क घटाने की बात कही गई थी।

ईयू-मर्कोसुर डील से दुनिया का सबसे बड़ा फ्री-ट्रेड एरिया बनेगा, और 27 देशों के इस ग्रुप को लैटिन अमेरिका में ज्यादा गाड़ियां, मशीनरी, वाइन और स्पिरिट एक्सपोर्ट करने में मदद मिलेगी। लेकिन किसानों को डर है कि खेती-बाड़ी की बड़ी कंपनी ब्राजील और उसके पड़ोसियों से सस्ते सामान आने से उनकी कीमतें कम हो जाएंगी।

बता दें, मार्कोसुर डील, यूरोपीय संघ और दक्षिणी अमेरिकी व्यापार समूहों के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता है। अर्जेंटीना, ब्राजील, पैराग्वे और उरुग्वे के समूह को मर्कोसुर कहा जाता है।

--आईएएनएस

केके/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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