/newsnation/media/post_attachments/images/2020/11/20/newspaper-94.jpg)
सांकेतिक तस्वीर( Photo Credit : न्यूज नेशन)
सोशल मीडिया पर एक न्यूज आर्टिकल की तस्वीर काफी वायरल हो रही है, जिसमें अजीबो-गरीब दावे किए जा रहे हैं. वायरल तस्वीर में कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार ने ढाई लाख से अधिक अखबारों का टाइटल निरस्त कर दिया है. इतना ही नहीं वायरल न्यूज आर्टिकल में ये भी कहा जा रहा है कि सरकार ने सैंकड़ों अखबारों को डीएवीपी की लिस्ट से भी बाहर कर दिया है.
ये भी पढ़ें- महिलाओं के बैंक खाते में सरकार जमा कर रही 1 लाख 24 हजार रुपये?, जानें सच
बता दें कि डीएवीपी एक सरकारी संस्था है, जो समाचार चैनलों और अखबारों को सरकारी विज्ञापन देती है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस न्यूज आर्टिकल की तस्वीर को शेयर करते हुए PIB Fact Check ने इसकी सच्चाई बताई है. प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो ने वायरल हो रहे इस दावे को फर्जी बताया है. PIB Fact Check ने ट्वीट करते हुए बताया कि केंद्र सरकार द्वारा ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है.
दावा: एक न्यूज़ आर्टिकल में दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने ढाई लाख से अधिक अखबारों का टाईटल निरस्त कर दिया है साथ ही सैंकड़ों अखबारों को डीएवीपी की सूची से बाहर कर दिया है।#PIBFactCheck: यह दावा फर्जी है। केंद्र सरकार द्वारा ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है। pic.twitter.com/Kecdg9C7Ft
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) November 20, 2020
Source : News Nation Bureau