बस ड्राइवर थे Yash के पिता, एक्टर बनने के लिए सिर्फ 300 रुपये लेकर निकले थे सुपरस्टार, जानिए पूरी कहानी

Toxic Actor Yash Story: क्या आपको मालूम है 'टॉक्सिक' एक्टर यश के पिता बीएमटीसी में बस ड्राइवर थे. इतना ही नहीं, फिल्मों में जाने के लिए उन्होंने अपने परिवार को छोड़कर सिर्फ 300 रुपए लेकर बेंगलुरु जाने का फैसला किया था.

Toxic Actor Yash Story: क्या आपको मालूम है 'टॉक्सिक' एक्टर यश के पिता बीएमटीसी में बस ड्राइवर थे. इतना ही नहीं, फिल्मों में जाने के लिए उन्होंने अपने परिवार को छोड़कर सिर्फ 300 रुपए लेकर बेंगलुरु जाने का फैसला किया था.

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Uma Sharma
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Toxic Actor Yash Story: साउथ सिनेमा के सुपरस्टार यश (Yash), जिन्हें ‘वंडर बॉय’ और ‘रॉकिंग स्टार’ के नाम से जाना जाता है आज 8 जनवरी को अपना 40वां बर्थडे मना रहे हैं. यश न सिर्फ साउथ बल्कि बॉलीवुड दर्शकों के बीच भी जबरदस्त लोकप्रियता हासिल कर चुके हैं.  वहीं अपने खास दिन पर उन्होंने फैंस को खास तोहफा देते हुए अपनी अपकमिंग फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ का दमदार टीजर रिलीज किया है, जिसे देखकर फैंस उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं. तो यश के जन्मदिन पर चलिए हम आपको उनकी कुछ बाते बताते हैं. 

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साधारण परिवार से सुपरस्टार बनने तक का सफर

यश का असली नाम नवीन कुमार गौड़ा है. उनका जन्म 8 जनवरी 1986 को कर्नाटक के हासन जिले के छोटे से गांव भुवनहल्ली में हुआ था. उनके पिता बीएमटीसी में बस ड्राइवर थे और मां हाउसवाइफ. परिवार की आर्थिक स्थिति साधारण थी और माता-पिता चाहते थे कि बेटा पढ़-लिखकर एक सुरक्षित सरकारी नौकरी करे. हालांकि, यश का झुकाव बचपन से ही अभिनय की ओर था. स्कूल के नाटकों और डांस प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना उन्हें बेहद पसंद था. मंच पर मिलने वाली तालियों ने उनके अंदर अभिनेता बनने का सपना और मजबूत कर दिया.

सिर्फ 300 रुपए लेकर बेंगलुरु पहुंचे यश

यश की जिंदगी का सबसे बड़ा और साहसिक फैसला तब आया, जब वह सिर्फ 300 रुपए लेकर घर छोड़कर बेंगलुरु निकल पड़े. उन्हें डर था कि अगर वो वापस लौटे, तो घरवाले उन्हें फिल्मों में करियर बनाने की इजाजत नहीं देंगे. बेंगलुरु पहुंचकर उन्होंने थिएटर से अपने करियर की शुरुआत की. शुरुआत में उन्हें सिर्फ बैकस्टेज और छोटे-मोटे रोल मिले, लेकिन उन्होंने हर काम को पूरी ईमानदारी और मेहनत से किया. यही संघर्ष आगे चलकर उनकी सफलता की नींव बना.

टीवी से फिल्मों तक का सफर

यश ने अपने करियर की शुरुआत 2000 के दशक में टेलीविजन सीरियलों से की. साल 2007 में उन्होंने फिल्म ‘जम्बाडा हुडुगी’ से कन्नड़ सिनेमा में डेब्यू किया. इसके बाद 2008 में रिलीज हुई फिल्म ‘मोग्गिना मनसु’ उनके करियर के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुई. इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर अवॉर्ड भी मिला.

‘केजीएफ’ ने बदली किस्मत

इसके बाद यश ने ‘राजधानी’, ‘गजकेसरी’ और ‘मास्टरपीस’ जैसी कई सफल फिल्मों में काम किया, लेकिन असली पहचान उन्हें 2018 में आई ‘केजीएफ चैप्टर 1’ से मिली. फिल्म में उनके निभाए गए रॉकी के किरदार ने उन्हें पैन इंडिया स्टार बना दिया. इसके बाद आई ‘केजीएफ चैप्टर 2’ ने इतिहास रच दिया. फिल्म ने दुनियाभर में करीब 1215 करोड़ रुपये की कमाई कर कन्नड़ सिनेमा को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया.

यश की लव स्टोरी और शादी

यश की निजी जिंदगी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. उनकी मुलाकात एक्ट्रेस राधिका पंडित से साल 2007 में टीवी शो ‘नंदा गोकुला’ के सेट पर हुई थी. दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदली, हालांकि दोनों ने लंबे समय तक अपने रिश्ते को निजी रखा. फिल्म ‘मिस्टर एंड मिसेज रामाचारी’ के बाद उनके रिश्ते की चर्चा तेज हो गई. दोनों ने 12 अगस्त 2016 को गोवा में सगाई की और 9 दिसंबर 2016 को बेंगलुरु में धूमधाम से शादी रचाई. शादी के बाद उनके दो बच्चे हुए आयरा और यथर्व.

समाज सेवा और सम्मान

यश और राधिका मिलकर ‘यशो मार्ग फाउंडेशन’ चलाते हैं, जो कर्नाटक के ग्रामीण इलाकों में पानी, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के लिए काम करता है. वहीं यश को कन्नड़ सिनेमा का पोस्टर बॉय कहा जाता है. साल 2019 में वह फोर्ब्स इंडिया के कवर पर आने वाले पहले कन्नड़ अभिनेता बने. इसके अलावा, उन्हें टाइम्स ऑफ इंडिया और GQ इंडिया जैसी लिस्ट में भी कई बार जगह मिल चुकी है.

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