'हमें यह समझ में नहीं आता नाम से समुदाय...' सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की Yadav Ji Ki Love story के खिलाफ दायर याचिका

Supreme Court on Yadav Ji Ki Love Story: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार करते हुए इससे संबंधित याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया.

Supreme Court on Yadav Ji Ki Love Story: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार करते हुए इससे संबंधित याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया.

author-image
Nikki Kumari
New Update
Supreme Court Dismisses Petition Against Yadav Ji Ki Love Story

Yadav Ji Ki Love Story Photograph: (Instagram @i.am.pragati)

Supreme Court Dismisses Petition Against Yadav Ji Ki Love Story: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार करते हुए इससे संबंधित याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया. अदालत का यह फैसला फिल्म की देशव्यापी रिलीज से ठीक दो दिन पहले आया है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि फिल्म के शीर्षक में ऐसा कोई भी शब्द या विशेषण मौजूद नहीं है, जो यादव समुदाय की छवि को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता हो या उन्हें गलत तरीके से चित्रित करता हो. 

Advertisment

अदालत ने सुनाया फिल्म के पक्ष में फैसला

न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और उज्ज्वल भुयान की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा जताई गई आशंकाएं पूरी तरह निराधार हैं. अदालत ने सवाल किया कि फिल्म का शीर्षक किस प्रकार किसी समुदाय को गलत तरीके से पेश कर सकता है? याचिका में आरोप लगाया गया था कि "यादव जी" जैसे जाति-आधारित संबोधन का उपयोग सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने और जातिगत रूढ़ियों को मजबूत करने का जोखिम पैदा करता है. हालांकि, कोर्ट ने इसे काल्पनिक बताते हुए फिल्म के पक्ष में फैसला सुनाया.

अदातल ने दिया 'बैंडिट क्वीन' का उदाहरण 

सुनवाई के दौरान अदालत ने 1994 की चर्चित फिल्म 'बैंडिट क्वीन' के मामले का भी उदाहरण दिया. उस समय भी गुर्जर समुदाय के चित्रण को लेकर विवाद हुआ था, लेकिन अदालत ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में रखा था. याचिकाकर्ता के वकील ने जब फिल्म में महिला के चित्रण और उसे सच्ची घटना पर आधारित बताए जाने पर सवाल उठाए, तो पीठ ने साफ कहा कि फिल्म एक काल्पनिक सिनेमाई कृति है और रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री के अध्ययन के बाद इसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं पाया गया है.

'घुसखोर पंडित' पर भी मच चुका है बवाल

सुप्रीम कोर्ट ने नेटफ्लिक्स की फिल्म 'घुसखोर पंडित' पर दिए गए पिछले आदेश और इस मामले के बीच के अंतर को भी स्पष्ट किया. अदालत ने बताया कि 'घुसखोर' शब्द का अर्थ 'भ्रष्ट' होता है, जो एक समुदाय के साथ नकारात्मक विशेषण जोड़ रहा था, इसलिए उस पर कार्रवाई की गई थी. इसके विपरीत, 'यादव जी की लव स्टोरी' में यादव समुदाय के साथ कोई भी अपमानजनक शब्द नहीं जुड़ा है. कोर्ट ने कहा कि यहां संविधान की धारा 19(2) के तहत लागू होने वाले उचित प्रतिबंधों की कोई आवश्यकता नहीं है.

विवाद का पटाक्षेप

बता दें कि इससे पहले 19 फरवरी को फिल्म निर्माता नीरज पांडे ने 'घुसखोर पंडित' के शीर्षक और प्रचार सामग्री को वापस लेने का निर्णय लिया था, जिसके बाद उस विवाद का अंत हुआ था. 'यादव जी की लव स्टोरी' के मामले में भी पीठ ने यह उम्मीद जताई है कि कोर्ट के इस स्पष्टीकरण के बाद शीर्षक को लेकर चल रहे विवाद पर विराम लग जाएगा. अब यह फिल्म बिना किसी कानूनी बाधा के अपने निर्धारित समय पर सिनेमाघरों में रिलीज हो सकेगी.

Yadav Ji Ki Love Story
Advertisment