Exclusive: 'गो हत्या का जिक्र कर मामले को उलझा रहे' शंकराचार्य विवाद पर ममता कुलकर्णी ने News Nation से की खास बातचीत

Mamta Kulkarni on Shankaracharya Controversy: ममता कुलकर्णी ने शंकराचार्य विवाद पर News Nation से खास बातचीत की है. उन्होंने इस बारे में क्या कुछ कहा चलिए आपको बताते हैं.

Mamta Kulkarni on Shankaracharya Controversy: ममता कुलकर्णी ने शंकराचार्य विवाद पर News Nation से खास बातचीत की है. उन्होंने इस बारे में क्या कुछ कहा चलिए आपको बताते हैं.

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Uma Sharma
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Mamta Kulkarni

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Mamta Kulkarni on Shankaracharya Controversy: इन दिनों प्रयागराज में चल रहा माघ मेला सिर्फ अपने धार्मिक महत्व की वजह से नहीं, बल्कि विवादों को लेकर भी चर्चा में बना हुआ है. ऐसे में साधु-संतों के आचरण, परंपराओं और अधिकारों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर ममता कुलकर्णी भी इस विवाद में कूद पड़ी हैं. ममता कुलकर्णी ने इस विवाद पर ने News Nation से खास बातचीत की है. उन्होंने इस बारे में क्या कुछ कहा चलिए आपको बताते हैं. 

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मेले के नियम सर्वोपरि हैं

ममता कुलकर्णी ने News Nation से इस विवाद पर बात करते हुए कहा कि मेले के नियम सर्वोपरि हैं. नियम सबके लिए बराबर हैं. कोई भी संत या शंकराचार्य इनसे ऊपर नहीं हो सकता है. उन्होंने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि गौ हत्या जैसे मुद्दे उठाकर इस विवाद को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है और मामले को उलझाया जा रहा है.

ममता कुलकर्णी ने कहा कि विवाद पर प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाने की बजाय जिन्होंने नियम तोड़े हैं या अहंकार दिखाया है उन्हें माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने कहा कि संविधान और कानून सबके लिए समान है चाहे कोई राजा हो या संत. एक्ट्रेस ने आगे कहा कि मौजूदा वक्त में कई कथित शंकराचार्य हैं.

क्या था पूरा मामला?

गौरतलब है कि 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के मौके पर ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती संगम स्नान के लिए पालकी में सवार होकर निकले थे. उनके साथ लगभग 200 शिष्य भी मौजूद थे. हालांकि संगम क्षेत्र में भारी भीड़ को देखते हुए मेला प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पालकी के साथ आगे बढ़ने पर रोक लगा दी थी. मेला प्रशासन का कहना था कि पालकी के साथ संगम तक जाने से भीड़ बेकाबू हो सकती है और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने का खतरा है. 

इसी वजह से प्रशासन ने शंकराचार्य और उनके शिष्यों को पैदल संगम स्नान करने की सलाह दी. वहीं शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पालकी से ही संगम तक जाने पर अड़े रहे. इस मुद्दे को लेकर मेला प्रशासन और शंकराचार्य पक्ष के बीच लगभग तीन घंटे तक बातचीत होती रही लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला. जिसके बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अनशन पर बैठे हैं और 26 जनवरी को उनका अनशन नौवे दिन भी जारी है.

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Mamta Kulkarni Magh Mela 2026
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