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कलाकार भावनाओं के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं : पंकज त्रिपाठी

अभिनेता पंकज त्रिपाठी अपने किरदारों में वास्तविकता का छाप छोड़ने के लिए मशहूर हैं. उनका कहना है कि कलाकार किरदार के दृष्टिकोण, सामाजिक स्थिति और उसकी भावनात्मक स्थिति को समझने के लिए ही बने होते हैं.

IANS | Updated on: 24 Jul 2020, 09:56:21 PM
Pankaj Tripathi

पंकज त्रिपाठी। (Photo Credit: IANS)

मुंबई:

अभिनेता पंकज त्रिपाठी अपने किरदारों में वास्तविकता का छाप छोड़ने के लिए मशहूर हैं. उनका कहना है कि कलाकार किरदार के दृष्टिकोण, सामाजिक स्थिति और उसकी भावनात्मक स्थिति को समझने के लिए ही बने होते हैं. अभिनेता ने कहा, "एक कलाकार के तौर पर खुद को किरदार में समाने का मतलब कैमरे के सामने दो-चार लाइनों को बोलने से नहीं है. एक कलाकार होने का अर्थ किरदार के दृष्टिकोण, उसकी सामाजिक स्थिति, उसकी भावनात्मक स्थिति पर चीजों के प्रभाव, उसके अंदर की जटिलताओं, उसकी कमजोरियां और ऐसी ही कितनी ही सारी चीजों को समझने से है."

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पंकज आगे कहते हैं, "एक कलाकार का पेशा उसके काम के आधार पर कुछ ऐसा होता है जिसमें उसकी सोच सिर्फ अपने तक ही सीमित नहीं रह जाती है. अकसर एक कलाकार खुद को अपने किरदार में इतना डुबो देता है कि वह इसे इस कदर प्रभावित करता है जहां वह अपने किरदार की खुशी में खुश और उसके गम में दुखी हो जाता है."

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पंकज के मुताबिक, "इस तरह के अनुभवों से कलाकार को एक बेहतर इंसान बनने में मदद मिलती है क्योंकि आप खुद को तभी संवार पाते हैं जब आप अपनी रुचियों से परे जाकर सोचते हैं. यह कलाकारों में दया और सहानुभूति की भावना पैदा करती है." पंकज के मुताबिक, "इसलिए कलाकार भावनाओं, संघर्षों, जटिलताओं के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं."

First Published : 24 Jul 2020, 09:56:21 PM

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