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लोकसभा चुनाव

कौन जीतेगा दिल्ली का 'दिल', AAP ने सोमनाथ भारती को उतारा तो BJP से बांसुरी स्वराज हैं उम्मीदवार

नई दिल्ली सीट पर बीजेपी ने अपनी पार्टी की दिग्गज नेता रहीं दिवंगत सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज को टिकट दिया है,  जबकि I.N.D.I.A. गठबंधन की ओर से AAP के सोमनाथ भारती मैदान में हैं.

Updated on: 22 May 2024, 06:28 AM

नई दिल्ली:

राजधानी दिल्ली में 47 डिग्री तापमान के बीच सियासी पारा भी हाई है. 25 मई को होने वाले मतदान से पहले दिल्ली के सियासी दंगल में प्रचार के दौरान तमाम दांव पेंच देखने को मिल रहे हैं. नई दिल्ली लोकसभा सीट भी राजनीतिक लिहाज से बेहद हॉट है। मुकाबला कांटे का होने के आसार हैं लिहाजा हर कोई पूरा दम लगा रहा है. दिल्ली के सबसे पॉश इलाकों में नई दिल्ली शुमार है और सियासी दलों के लिए यहां चुनौतियां भी बेशुमार हैं. नई दिल्ली सीट पर बीजेपी ने अपनी पार्टी की दिग्गज नेता रहीं दिवंगत सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज को टिकट दिया है,  जबकि I.N.D.I.A. गठबंधन की ओर से AAP के सोमनाथ भारती मैदान में हैं.

बांसुरी स्वराज पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ रही हैं और लगातार प्रचार में जुटी हैं. जनता जनार्दन का आशीर्वाद लेने के साथ साथ बांसुरी भगवान के दर पर भी हाजिरी लगा रही हैं. कनॉट प्लेस के हनुमान मंदिर में दर्शन के जरिए उन्होंने बड़ा संदेश देने की कोशिश की. 

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बांसुरी स्वराज के पक्ष में नड्डा ने किया रोड शो

बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने यहां बांसुरी स्वराज के समर्थन में रोड के जरिए बता दिया कि भारतीय जनता पार्टी अपने स्तर पर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती.  मोदी के चेहरे के साथ ही केंद्र की 10 साल की उपलब्धियों की बदौलत बीजेपी बड़ी जीत का दावा कर रही है. 2014 और 2019 में नई दिल्ली लोकसभा से बीजेपी की मीनाक्षी लेखीं जीतीं. मोदी कैबिनेट में मीनाक्षी लेखी को राज्य मंत्री भी बनाया गया. 2019 में मीनाक्षी लेखी को 5 लाख 4 हजार 206 वोट मिले. जबकि दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस के अजय माकन को 2 लाख47 हजार 702 वोट पड़े. तीसरे नंबर पर AAP के बृजेश गोयल रहे और उन्हें 1 लाख 50 हजार 342 वोट मिले.

वाजपेयी और आडवाणी भी इस सीट से लड़ चुके हैं चुनाव
नई दिल्ली लोकसभा सीट पर जनता ने बीजेपी और कांग्रेस को बराबर मौका दिया है. इस सीट पर अब तक 7 बार कांग्रेस और 7 बार बीजेपी को जीत मिली है.दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी ने भी 1977 और 1980 में इस सीट का प्रतिनिधित्व किया था. जबिक 1989 और 1991 में लाल कृ्ष्ण आडवाणी इस सीट से चुने गए. नई दिल्ली लोकसभा सीट पर 18% एससी वोटर हैं जबकि वैश्य मतदाताओं की संख्या 8 फीसदी है. इस सीट पर 6 फीसदी ब्राह्मण वोटर भी बेहद अहम हैं. जबकि 5 फीसदी जाट, 4 प्रतिशत गुर्जर और 3 प्रतिशत मुस्लिम मददाता भी हैं.

नई दिल्ली लोकसभा सीट सियासी लिहाज से बेहद अहम

दिल्ली में इस बार आम आदमी पार्टी और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं. इसीलिए I.N.D.I.A. गठबंधन बीजेपी की चुनौती से निपटने का दम भर रहा है. AAP ने मालवीय नगर से सिटिंग विधायक सोमनाथ भारती को नई दिल्ली से टिकट दिया है. सोमनाथ भारती मौजूदा राजनीति में जीत की संभावना को लेकर अपने दावे कर रहे हैं. नई दिल्ली लोकसभा सीट सियासी लिहाज से बेहद अहम है. चुनावी लड़ाई पार्टियों और उम्मीदवारों के साथ ही मुद्दों पर भी हो रही है. नई दिल्ली की जनता की दिल जीतने की कसरत तमाम राजनीतिक दल कर रहे हैं. नई दिल्ली सीट से कई बड़े नेता सांसद रहे हैं और यहां की जनता इस बार किसे चुनेगी इसको लेकर दिलचस्पी बनी हुई है. लोकतंत्र की सबसे बड़ी परीक्षा में कौन पास होगा ये जनता को तय करना है.  इसीलिए जनता सबको परख रही है और इस परीक्षा का रिजल्ट 4 जून को पूरे देश के सामने होगा.