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बिहारः लोक समता पार्टी प्रमुख इन दो सीटों पर लड़ेंगे चुनाव, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष को देंगे चुनौती

बिहारः लोक समता पार्टी प्रमुख इन दो सीटों पर लड़ेंगे चुनाव

News Nation Bureau | Edited By : Drigraj Madheshia | Updated on: 03 Apr 2019, 06:30:43 PM
उपेंद्र कुशवाहा (File)

उपेंद्र कुशवाहा (File)

नई दिल्‍ली:

राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP)के अध्‍यक्ष उपेंद्र कुशवाहा दो जगहों से चुनाव लड़ेंगे. कुशवाहा कराकट और उजियारपुर से ताल ठोकेंगे. बता दें बिहार में विपक्ष का 'महागठबंधन' (Mahagathbandhan) पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) को आगामी लोकसभा चुनाव में चार सीटें देने पर राजी हो गया है. यह भाजपा नीत-राजग द्वारा उसे पेशकश की गई सीटों की दोगुनी संख्या है.

उजियारपुर से बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद नित्यांनद राय मैदान में हैं वहीं माकपा ने अपनी पार्टी के राज्य सचिव मंडल के सदस्य अजय कुमार को यहां से प्रत्याशी हैं. इस सीट से 2009 में जदयू की अश्वमेध देवी और 2014 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर नित्यानंद राय जीत दर्ज कर चुके हैं.  

बता दें राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नागमणि ने रविवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया. इस्तीफा देने के बाद उन्होंने पार्टी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा पर जमकर हमला बोलते हुए टिकट बेचने का आरोप लगाया. कई पार्टियों में रह चुके नागमणि ने पटना में इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा, 'समर्थकों से राय-मशविरा कर आगे किसी भी पार्टी के साथ जाने की घोषणा की जाएगी. नागमणि ने पार्टी छोड़ने की घोषणा करते समय अध्यक्ष कुशवाहा पर मोतिहारी लोकसभा सीट, माधव आनंद को नौ करोड़ रुपये में बेचने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि इस फैसले से कुशवाहा समाज के लोगों में नाराजगी है.

रिपोर्ट के मुताबिक नागमणि ने मनचाहा सीट नहीं मिलने की वजह से पार्टी छोड़ी है. चूंकि महागठबंधन में आरएलएसी को दो से ज्यादा सीटें मिलने की उम्मीद नहीं है और नागमणि एक सीट पर खुद दावा ठोक रहे थे इसलिए कुशवाहा ने उनकी मांग नहीं मानी और उन्होंने पार्टी से इस्तीफा देने का फैसला कर लिया.

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गौरतलब है कि आरएलएसपी से इस्तीफा देने से पहले शुक्रवार को नागमणि के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ मंच साझा करने के बाद पार्टी ने कार्रवाई करते हुए उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष पद से हटाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और तीन दिनों के अंदर जवाब मांगा गया था. माना जा रहा है कि आरएलएसपी में टिकट नहीं मिलने की आशंका को देखते हुए वो नीतीश कुमार से मिले ताकि उन्हें अपने चाहे सीट से टिकट मिल सके. पार्टी ने नागमणि पर नीतीश की तारीफ करने का भी आरोप लगाया था. इससे पहले ही नागमणि ने पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी.

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वहीं दूसरी तरफ पार्टी छोड़ने के बाद नागमणि ने आरएलएसपी के लगाए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि सरकारी कार्यक्रम में जाना गलत नहीं है. उन्होंने उपेंद्र कुशवाहा को बहुत बड़ा नौटंकीबाज बताते हुए कहा, 'कुशवाहा पर राजभवन मार्च के दौरान कोई लाठीचार्ज नहीं हुआ था. अपने लोगों के साथ मिलकर उन्होंने पूरा प्लान तैयार किया था.' उपेंद्र कुशवाहा की RLSP पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के साथ थी, लेकिन बाद में कुशवाहा ने महागठबंधन का दामन थाम लिया. कुशवाहा के महागठबंधन के साथ जाने की घोषणा के बाद RLSP के विधायक ललन पासवान सहित दो विधायक और एक विधान पार्षद ने भी कुशवाहा का साथ छोड़ दिया था.

First Published : 03 Apr 2019, 06:15:56 PM

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