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राजस्थान : निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराना EC के लिए बड़ी चुनौती, ये है कारण

राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार ने जयपुर, झुंझुनूं, सीकर, दौसा और अलवर जिलों की चुनाव तैयारियों पर चर्चा की

Written By : लालसिंह फौजदार | Edited By : Dalchand Kumar | Updated on: 05 Apr 2019, 01:11:03 PM
चुनाव आयोग (फाइल फोटो)

चुनाव आयोग (फाइल फोटो)

जयपुर:

2019 के लोकसभा चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए चुनाव आयोग अपनी तैयारियों में लगा हुआ है. इसी कड़ी में राजस्थान (Rajasthan) के मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार ने जयपुर, झुंझुनूं, सीकर, दौसा और अलवर जिलों की चुनाव तैयारियों पर चर्चा की. इस दौरान सीईओ आनंद कुमार ने अधिकारियों से अब तक की गई तैयारियों का फीडबैक लिया. साथ ही जयपुर जिला निर्वाचन अधिकारी जगरुपसिंह यादव ने नामांकन, ईवीएम-वीवीपैट मशीनों, चुनाव अधिकारियों के प्रशिक्षण और स्वीप गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी.

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इसके अलावा मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्वीप कार्यक्रम के तहत मतदाताओं तक एपिक कार्ड के अलावा 11 अन्य विकल्पों के जरिये वोट देने के लिए जागरुक करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जिलों में हर व्यक्ति तक यह सूचना ज्यादा से ज्यादा पहुंचे ये सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने संभाग के निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि 11 वैकल्पिक दस्तावेजों के संबंध में जागरुकता के लिए शहर और गांवों में होर्डिंग्स लगाये जाएं.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिया कि चुनाव कार्य से जुड़े सभी अधिकारी और कार्मिक निष्पक्ष होकर काम करें. इसके साथ ही सभी मतदान केंद्रों पर पानी की समुचित व्यवस्था रखने के भी उन्होंने निर्देश दिये. संवेदनशील मतदान केंद्रों की दीवार पर जिला पुलिस अधीक्षक, संबंधित थानाधिकारी और स्थानीय चौकी के पुलिसकर्मियों के नंबर भी लिखवाए जाएंगे. उन्होंने बताया कि दिव्यांगजनों को चिन्हित करने और उनके लिए स्वयं सेवकों को लगाने के भी निर्देश दिये गये हैं. इसके साथ ही अराजक तत्वों पर पूरी निगरानी रखने और उचित कार्रवाई कर शांतिपूर्ण मतदान कराने को कहा गया है.

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मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सभी मतदाता बिना भय के मतदान कर सकें इसके लिए माकूल प्रबंध सुनिश्चित करते हुए ऐसा वातावरण बनाएं, जिससे उन्हें विश्वास हो सके कि प्रशासन और पुलिस उनके सहयोग के लिए तत्पर हैं. उन्होंने ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित करने के निर्देश भी दिए जहां मतदाताओं को किसी दबाव या भय की आशंका हो.

इन दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 10 लाख से ज्यादा अवैध जब्ती पर तुरंत आयकर विभाग को सूचना देने, सभी जिलों में वोटर हेल्पलाइन नंबर 1950 का ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए. उन्होंने चुनाव में समाजकंटकों के खिलाफ कार्यवाही, नाकाबंदी, लाइसेंस हथियारों को जमा करने की स्थिति, आदर्श आचार संहिता की पालना, चुनाव व्यय, नामांकन के दौरान व्यवस्था जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा कर अधिकारियों से अब तक प्रगति की जानकारी ली.

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बैठक में पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) मोहन लाल लाठर ने कहा कि पुलिस अधिकारी लोकसभा क्षेत्र में शांतिपूर्ण मतदान के लिए सकारात्मक माहौल बनाएं. उन्होंने कहा कि इंटर स्टेट नाकों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और अवैध शराब और डोडापोस्त की रोकथाम के पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं. उन्होंने कहा कि अगर शराब की दुकानों से बिक्री में अचानक वृद्धि हुई है तो उसकी जांच करें. उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी प्रशासनिक अधिकारियों के साथ संयुक्त क्षेत्र भ्रमण कर चुनावी व्यवस्थाओं का जायजा लें.

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राजस्थान के मुख्य चुनाव अधिकारी ने चुनावों को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए भले ही अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं. लेकिन प्रदेश में जमीनी हालात कुछ और ही हैं. जिस प्रकार अवैध हथियार, मादक पदार्थ और शराब की तस्करी राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में हो रही है, उससे असामाजिक तत्व चुनाव को प्रभावित करने की फिराक में हैं. ऐसे में शांतिपूर्ण चुनाव करना निर्वाचन विभाग के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है.

First Published : 05 Apr 2019, 01:10:55 PM

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