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इंदौर से इस दिग्गज को मिला सुमित्रा महाजन की विरासत संभालने का जिम्मा

मध्य प्रदेश की इंदौर लोकसभा सीट पर लंबी चली माथापच्ची के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अपना उम्मीदवार का एलान कर दिया है

News Nation Bureau | Edited By : Dalchand Kumar | Updated on: 22 Apr 2019, 12:19:44 PM
शंकर लालवानी-सुमित्रा महाजन

शंकर लालवानी-सुमित्रा महाजन

नई दिल्ली:

मध्य प्रदेश की इंदौर (Indore) लोकसभा सीट पर लंबी चली माथापच्ची के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अपना उम्मीदवार का एलान कर दिया है. बीजेपी ने अपने 30 साल पुराने गढ़ में वरिष्ठ नेता शंकर लालवानी को चुनाव मैदान में उतारा है. चुनाव की घोषणा के बाद से ही यह सीट जद्दोजहद में फंसी थी. बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) को इस सीट से मुख्य दावेदार माना जा रहा था. लेकिन अब बीजेपी नेतृत्व ने इस सीट से शंकर लालवानी पर भरोसा जताया है.

इंदौर सीट बीजेपी (BJP) के लिए खासी महत्वपूर्ण है. इस सीट पर बीजेपी पिछले आठ लोकसभा चुनाव लगातार जीतती आई है. लेकिन इस बार लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था. इंदौर सीट से सुमित्रा महाजन साल 1989 से 2014 के बीच लगातार आठ बार चुनाव जीत चुकी हैं. पिछले चुनाव में सुमित्रा महाजन (Sumitra Mahajan) ने इंदौर क्षेत्र में अपने नजदीकी प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार सत्यनारायण पटेल को हराया था, तब वह एक ही सीट और एक ही पार्टी से लगातार आठ बार लोकसभा पहुंचने वाली देश की पहली महिला सांसद बन गई थीं. ऐसे में अब सुमित्रा महाजन की विरासत को संभालने की जिम्मेदारी शंकर लालवानी को दी गई है.

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इंदौर से शंकर लालवानी (Shankar Lalwani) को उम्मीदवार बनाए जाने पर सुमित्रा महाजन ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाने और इंदौर में जीत की परंपरा कायम रखने के लिए हम सब संकल्पित हैं.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इंदौर के टिकट की दावेदारी को लेकर लालवानी का नाम बुधवार को तेजी से आगे बढ़ा था, लेकिन पार्टी के एक स्थानीय गुट के कथित विरोध के बाद इंदौर सीट के उम्मीदवार की घोषणा रोक दी गई थी. इस सीट पर एक दर्जन से ज्यादा स्थानीय नेता दावेदार हो गए हैं. इस दौरान गुटबाजी भी खुलकर सामने आ गई थी. पार्टी ने स्थानीय गुट के कथित विरोध को दरकिनार करते लालवानी को चुनाव मैदान में उतारने की घोषणा कर दी.

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शंकर लालवानी इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) के चेयरमैन और इंदौर नगर निगम के सभापति रह चुके हैं. शंकर लालवानी को लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) का करीबी माना जाता है. 1993 में विधानसभा क्षेत्र-4 से उन्हें बीजेपी अध्यक्ष बनाया गया था. सिंधी समाज से आने वाले लालवानी अपने राजनीतिक करियर का पहला लोकसभा चुनाव लड़ेंगे. इस सीट पर लालवानी का मुकाबला कांग्रेस के पंकज संघवी से होगा.

बता दें कि इंदौर लोकसभा सीट पर आखिरी चरण में 19 मई को मतदान होना है. इस संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत विधानसभा की 8 सीटें आती हैं. जिनमें महेश्वर, भगवानपुरा, पानसेमल, कसरावाड़, सेंधावा, बदवानी, खरगौन, राजपुर विधानसभा सीटें हैं. इन विधानसभा सीटों में से 6 सीटों पर कांग्रेस और एक पर बीजेपी का कब्जा है, जबकि एक सीट पर निर्दलीय विधायक है.

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First Published : 22 Apr 2019, 12:19:35 PM

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