News Nation Logo
Banner

आयकर विभाग के छापों पर चुनाव आयोग हुआ सख्त, कहा- हमें भी दी जाए रेड की जानकारी

चुनाव आयोग ने आयकर विभाग और अन्य एजेंसियों द्वारा की जा रही ताबड़तोड़ छापेमारी पर सख्त रुख अपनाया है

News Nation Bureau | Edited By : Dalchand Kumar | Updated on: 10 Apr 2019, 12:14:07 PM
चुनाव आयोग (फाइल फोटो)

चुनाव आयोग (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

लोकसभा चुनाव 2019 (Loksabha Election 2019) से ठीक पहले मध्य प्रदेश और दिल्ली में हुई आयकर विभाग की छापेमारी से सियासी गलियारों में हलचल बढ़ी हुई है. इस बीच चुनाव आयोग (Election Commission) ने आयकर विभाग और अन्य एजेंसियों द्वारा की जा रही ताबड़तोड़ छापेमारी पर सख्त रुख अपनाया है. चुनाव आयोग (Election Commission) ने जांच एजेंसियों से कहा है कि किसी भी कार्रवाई से पहले आयोग को सूचित किया जाए.

यह भी पढ़ें- चुनावी हलचल LIVE : पीएम नरेंद्र मोदी गुजरात और गोवा में रैली करेंगे, कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी आज अमेठी से भरेंगे नामांकन

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस मामले में मंगलवार को चुनाव आयोग ने आयकर विभाग के प्रमुख और राजस्व सचिव से देश भर चल रहे आयकर छापों पर संज्ञान लेते हुए विस्तृत जानकारी मांगी. इसके साथ ही आयोग ने चेताया कि एजेंसियों की कार्रवाई बिना भेदभाव, निष्पक्ष और आचार संहिता के नियमों के अनुरूप होनी चाहिए. आयोग ने साफ तौर पर कहा कि भ्रष्टाचार से संबंधित किसी भी रेड या कार्रवाई की जानकारी वो चुनाव आयोग या राज्य के निर्वाचन अधिकारी से साझा करें.

सूत्रों की मानें मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में जो छापेमारी आयकर विभाग ने की थी, उसके बारे में चुनाव आयोग को जानकारी ही नहीं थी. ना सिर्फ केंद्रीय चुनाव आयोग बल्कि प्रदेश के निर्वाचन अधिकारी को भी इसके बारे में किसी तरह की सूचना नहीं दी गई थी.

यह भी पढ़ें- Rahul Gandhi Nomination Live Updates : अमेठी में राहुल गांधी का रोड शो शुरू, सोनिया और प्रियंका भी हैं मौजूद

बता दें कि रविवार को आयकर विभाग ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamalnath) के निजी सचिव प्रवीण कक्कड़, सलाहकार आरके मिगलानी, भांजे रातुल पुरी, प्रतीक जोशी और अश्विन शर्मा के ठिकाने पर छापेमारी की थी. इस छापेमारी में कैश, करोड़ों रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी. इसके अलावा 20 करोड़ रुपये के हवाला का भी मामला सामने आया था, जिसके तार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल के अकाउंटेंट से जुड़े थे.

यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश में धनकुबेरों पर कसता शिकंजा, अब इस अधिकारी के घर पर पड़ी रेड

आयकर विभाग की इस छापेमारी के बाद मध्य प्रदेश में सियासत ने दूसरा रूप ले लिया था. इस छापेमारी को विपक्षी पार्टियों ने बदले की कार्रवाई करार दिया था. कांग्रेस ने केंद्र सरकार की बौखलाहट बताया था और सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी पार्टियों पर दबाव बनाने का आरोप लगाया था.

यह वीडियो देखें-

First Published : 10 Apr 2019, 12:14:03 PM

For all the Latest Elections News, General Elections News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.

वीडियो