News Nation Logo

Uttar Pradesh : हरदोई से बीजेपी सांसद अंशुल वर्मा ने दिया पार्टी से इस्तीफा, सपा में शामिल

भारतीय जनता पार्टी (BJP ) से टिकट न मिलने से नाराज हरदोई से सांसद अंशुल वर्मा ने बुधवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया और इसके बाद वह सपा में शामिल हो गए.

IANS | Edited By : Drigraj Madheshia | Updated on: 27 Mar 2019, 09:38:16 PM
सांसद अंशुल वर्मा

लखनऊ:  

भारतीय जनता पार्टी (BJP) से टिकट न मिलने से नाराज हरदोई से BJP सांसद अंशुल वर्मा ने बुधवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया, और इसके बाद वह सपा में शामिल हो गए. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि अंशुल के आने से सपा मजबूत होगी. वर्मा ने सपा मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की उपस्थिति में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की.  वर्मा इसके पहले BJP कार्यालय पहुंचे और उन्होंने अपना इस्तीफा वहां चौकीदार को सौंप दिया. इस दौरान उन्होंने कहा, "विकास किया है, विकास करेंगे, अंशुल थे अंशुल ही रहेंगे, चौकीदार नहीं कहेंगे. "

यह भी पढ़ेंः योगी आदित्यनाथ की सीट गोरखपुर से बीजेपी के टिकट पर ताल ठोंक सकते हैं भोजपुरी एक्टर रवि किशन

चौकीदार को इस्तीफा सौंपने के सवाल पर उन्होंने कहा, "आजकल सबसे जिम्मेदार तो चौकीदार ही है, इसलिए मैंने सोचा क्यों न उसे ही अपना इस्तीफा दे दिया जाए. धनकुबेर चौकीदार को इस्तीफा देने का कोई मतलब ही नहीं था. "अंशुल ने कहा कि अगर विकास ही मानक था तो 24 हजार करोड़ रुपये लगाने की और विकास को आखिरी पायदान से चौथे पायदान पर लाने की उन्हें सजा मिली है.

यह भी पढ़ेंः लोकसभा चुनाव 2019 : यूपी की सियासत में बुधवार बगावत और ज्वाइनिंग का दिन रहा

गौरतलब है कि BJP ने इस बार वर्मा को टिकट न देकर हरदोई के पूर्व सांसद जय प्रकाश रावत को प्रत्याशी बनाया है.पार्टी से नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा, "सदन में मेरी उपस्थिती 95 प्रतिशत रही है. इसमें मेरा दोष कहा था, यह समझ से परे है. " इस मौके पर अखिलेश ने अंशुका का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा, "अंशुल वर्मा के आने से सपा मजबूत होगी और लोकसभा चुनाव BJP को केवल एक सीट से संतोष करना पड़ेगा. हालांकि वह सीट कौन-सी होगी, इसका पता मई में चलेगा. जब चुनाव परिणाम आएंगे. "

यह भी पढ़ेंः Lok Sabha Election 2019: वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने को लेकर प्रियंका ने दिया बड़ा बयान

उन्होंने कहा, "गन्ना किसान अपना भुगतान चाहते हैं, लेकिन उसे नहीं दिया जा रहा है. हमें विश्वास है जनता गठबंधन को ही वोट देगी. "सपा महासचिव आजम खां की रायफल, पिस्तौल और बंदूक के लाइसेंस निलंबित किए जाने पर अखिलेश ने कहा कि आजम खां के शस्त्रों के लाइसेंस रद्द हुए हैं तो मुख्यमंत्री के भी लाइसेंस रद्द होने चाहिए.

यह भी पढ़ेंः ग्वालियरः प्रियदर्शनी राजे सिंधिया को टिकट देने के प्रस्‍ताव पर जानें क्‍यों खफा हैं दिग्‍विजय सिंह

उन्होंने कहा, "हमारा गठबंधन बहुत मजबूत है. BJP राज में बहुत अत्याचार बढ़ा है. इसका परिणाम उसे इस चुनाव में भुगतना पड़ेगा. "गौरतलब है अंशुल वर्मा ने 2014 हरदोई से 90 हजार वोटों से जीत दर्ज करा कर 10 वर्ष बाद BJP के खाते में यह सीट डाली थी. इस बार भी वह टिकट के मजबूत दावेदार थे, लेकिन वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद दोबारा जय प्रकाश रावत को पार्टी ने टिकट दे दिया.

First Published : 27 Mar 2019, 09:37:34 PM

For all the Latest Elections News, General Elections News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.