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लोकसभा चुनाव

चुनाव आयोग की नसीहत- धार्मिक मुद्दों और अग्निवीर योजना पर बयानबाजी से बाज आएं राजनीतिक दल

Lok Sabha Election 2024: चुनाव प्रचार के दौरान भाषणों में धार्मिक मुद्दों और सेना से जुड़े बयानों पर भारतीय चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को नसीहत दी है.

Updated on: 22 May 2024, 05:33 PM

New Delhi:

Lok Sabha Election 2024: देश में लोकसभा चुनाव के पांच चरण पूरे हो चुके हैं, जबकि छठे चरण के लिए 25 मई को वोट डाले जाएंगे. ऐसे में राजनीतिक दलों के स्टार प्रचारकों ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है. चुनाव प्रचार के दौरान नेता एक दूसरे पर कटाक्ष और बयानबाजी से परहेज नहीं कर रहे हैं. नेताओं की अमर्यादित बयानबाजी को लेकर पहले भी चेता चुके चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों से एक बार फिर संयम रखने की अपील की है. चुनाव आयोग ने कहा कि नेता अपने भाषणों और बयानबाजी के दौरान धार्मिक मुद्दों और सेना से जुड़े मुद्दों पर टिप्पणी करने से बाज आएं. 

चुनाव आयोग ने जाति, समुदाय, भाषा और धर्म के आधार पर प्रचार के लिए बीजेपी और कांग्रेस दोनों पर कार्रवाई भी की. चुनाव आयोग ने इस मामले में दोनों को ही ऐसा करने से बचने की सलाह दी. चुनाव आयोग ने जहां कांग्रेस नेताओं को रक्षा बलों के राजनीतिकरण न करने की सलाह दी तो बीजेपी से समाज में विभाजन पैदा करने वाले भीषणों से बचने की अपील की. इसके साथ ही चुनाव आयोग ने भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को निर्देश दिया है कि वो स्टार प्रचारकों को उनके भाषण की सही करने, सावधानी बरतने और शिष्टाचार बनाए रखने के लिए फॉर्मल नोट जारी करें. चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि दोनों ही पार्टियों (कांग्रेस व बीजेपी) के स्टार प्रचारकों के चुनाव प्रचार की गुणवत्ता में तेजी से गिरावट आई है. राजनीतिक पार्टियों को कहा गया कि वो स्टार प्रचारकों को निर्देश दें प्रचार के दौरान धार्मिक और सांप्रदायिक रंगत से दूरी बनाई जाए. 

चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेताओं को आधारहीन बयानबाजी से बचने की सलाह दी. खासकर संविधार को खत्म करने और अग्निवीर योजना को खत्म करने से संबंधित बयान न दिए जाएं. चुनाव आयोग ने कांग्रेस स्टार प्रचारकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वो रक्षा बलों पर सियासत न करे. जबकि बीजेपी को भाषणों के दौरान धार्मिक और सांप्रदायिक बयानों से दूर रहने की सलाह दी.