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लोकसभा चुनाव

अब Tsunami नहीं, TsuNaMo कहिए, मोदी ने छोटे दलों को ऐसे किया तबाह

इस बार एयर स्‍ट्राइक के बाद से ही मोदी की सुनामी नहीं बल्‍कि मोदी TsuNamo आ गया. नतीजा ये हुआ कि जाति और क्षेत्र के नाम पर राजनीति करने वालों के नीचे से जमीन खिसक गई.

Updated on: 23 May 2019, 04:52 PM

नई दिल्‍ली:

लोकसभा चुनाव 2019 के सभी नतीजे वैसे तो अभी नहीं आए हैं पर यह तय हो गया कि 2014 में पहले हवा चली, फिर आंधी आई इसके बाद, तूफान आया और अंतिम चरण आते-आते मोदी की सुनामी (Tsunami) आ गई. इस बार एयर स्‍ट्राइक के बाद से ही मोदी की सुनामी नहीं बल्‍कि मोदी TsuNamo आ गया. नतीजा ये हुआ कि जाति और क्षेत्र के नाम पर राजनीति करने वालों के नीचे से जमीन खिसक गई. मोदी सुनामो के प्रचंड वेग में टीएमसी, बीजेडी, एनसीपी, सपा, बीएसपी के मजबूत किले ढेर हो गए. 

ममता बनर्जी के गढ़ में निर्मम साबित हुई मोदी-शाह की जोड़ी


चुनाव से पहले ही बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह ने ये दावा किया था कि कम से कम बंगाल में वो 25 सीटें लाएंगे. और शाह ने कर दिखाया. ताजा रुझानों में आल इण्डिया तृणमूल कांग्रेस 22 भारतीय जनता पार्टी 19 सीटों पर आगे थी. माल्‍दहा उत्‍तर, माल्‍दहा दक्षिण, झाडग्राम, हुगली , कूच बिहार , बर्धमान - दुर्गापुर, बैरकपुर, बिशनुपुर, बनगांव, बंकुरा अलीदासपुर , आसनसोल और बहरामपुर में कमल का फूल खिल रहा था. अगर वोटों की बात करें तो मोदी TsuNamo की मार पड़ गई.

राजस्‍थान, गुजरात, मध्‍यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में क्‍लीन स्‍वीप
पिछले साल हुए विधानसभा चुनावों में मिली जीत की खुशी की खुमार से अभी कांग्रेस उबरी भी नहीं थी कि राजस्‍थान, गुजरात में तो बीजेपी क्‍लीन स्‍वीप की ओर बढ़ रही है तो मध्‍य प्रदेश और छत्‍तीसगढ़ में अपनी धमक बरकरार रखी है.

गठंबधन की जड़ें सूखीं

उत्तर प्रदेश में पीएम मोदी को हराने के लिए सपा और बसपा ने 25 साल की दुश्मनी भुलाई, लेकिन न जाति का जोर चला, न ही किसी और तरह की कोशिश काम आई. यहां भी सिर्फ मोदी है तो मुमकीन है चला. यूपी में बीजेपी 56 सीटों पर आगे चल रही है, तो वहीं गठबंधन सिर्फ 20 सीटों पर ही जीत हासिल करने की कगार पर है. यहां बीजेपी को थोड़ा नुकसान तो हुआ है वह 73 से 55 पर आ रही है.

बीजेडी इस बार साफ

ओडिशा में एकछत्र राज चलाने वाले नवीन पटनायक की पार्टी बीजेडी इस बार मोदी की आंधी में साफ हो गई. 21 सीटों वाले राज्य में बीजेपी दूसरी बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और सात सीटों पर आगे चल रही है. बीजेडी 14 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. ओडिशा में बीजेडी का एकछत्र राज माना जाता है, लेकिन विधानसभा में तो उनका जादू चला. लोकसभा में बीजेपी ने अपनी ताकत बढ़ाई.

नहीं काम आया शरद पवार का दांव

विपक्षी नेताओं में शरद पवार ही ऐसे कद के नेता थे, जो अपने दांव पेच से मोदी को टक्कर दे सकते थे. लेकिन महाराष्ट्र में एनसीपी-कांग्रेस की जोड़ी को मुंह की खानी पड़ी. कुल 48 सीटों वाले राज्य में बीजेपी-शिवसेना की जोड़ी 41 सीटें जीतती हुई दिखाई दे रही है. वहीं दिल्‍ली में 7 सीटों पर जीतने का दावा करने वाले आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल की पार्टी ‘आप’ तीसरे नंबर पर दिख रही है. एक तरफ से अरविंद केजरीवाल, दिल्ली-पंजाब-हरियाणा-गोवा में गठबंधन की बात कर रहे थे और जब नतीजे सामने आए तो सारे अरमान धुल गए.

मोदी की सुनामी में बह गया राजद

बिहार की सबसे बड़ी पार्टी राजद यानी लालू यादव की पार्टी का मोदी की सुनामी में कुछ पता ही नहीं चला. चुनाव से पहले राजद ने एनडीए के ही कुछ दलों को तोड़ और कांग्रेस को साथ लाकर, महागठबंधन बनाया. पांच पार्टियों वाला ये गठबंधन, 40 में से सिर्फ 2 सीट पर लटकता दिखाई दे रहा है.