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Sikkim Assembly Result: कौन है प्रेम सिंह तमांग, सिक्किम में चल रहा है जिनका सिक्का

Who Is Prem Singh Tamang: सिक्किम की राजनीति में बढ़ रहा है प्रेम सिंह तमांग का कद, लगातार दूसरी बार बना रहे अपनी सरकार

Updated on: 02 Jun 2024, 01:26 PM

New Delhi:

Who Is Prem Singh Tamang: देश के पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम विधानसभा चुनाव के नतीजे आ गए हैं. इन नतीजों में एक बार फिर सिक्किम क्रांति मोर्चा यानी SKM ने जीत का परचम लहरा दिया है. 32 विधानसभा सीटों में एसकेएम ने न सिर्फ बहुमत का आंकड़ा पार किया बल्कि क्लिन स्विप की कर डाला है. खास बात यह है कि इस बार भी एसकेएम की जीत के हीरो प्रेम सिंह तमांग ही हैं. प्रेम सिंह तमांग प्रदेश के मुखिया यानी मुख्यमंत्री तो हैं ही साथ ही पार्टी की प्रमुख भी हैं. उनके ही नेतृत्व में 2019 में भी सिक्किम में एसकेएम ने भारी मतों जीत हासिल की थी. आइए जानते हैं कौन है प्रेम सिंह तमांग?

कौन हैं प्रेम सिंह तमांग, क्या है सिक्किम की राजनीति में उनका कद
सिक्किम की राजनीति की बात की जाए जो मौजूदा दौर में प्रेम सिंह तमांग का कद काफी बड़ा है. लगातार दूसरी बार वह प्रदेश के चीफ मिनिस्टर बनने जा रहे हैं. पूर्वोत्तर में उन्होंने अपने दल की शुरुआत बगावत के साथ की थी. 

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पीएस गोले के नाम से मशहूर
प्रेम सिंह तमांग पीएस गोले के नाम से भी मशहूर हैं. पेशे से टीचर रहे हैं. प्रेम सिंह तमांग ने ही सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा की स्थापना की. इससे पहले वह एसडीएफ का हिस्सा हुआ करते थे. लेकिन 2013 में उन्होंने विवाद के बाद SDF छोड़ दी और अपनी नई पार्टी बना दी. तमांग का जन्म 5 फरवरी 1968 को कालू सिंह तमांग और धन माया तमांग के घर में हुआ था. प्रेम तमांग पश्चिमी सिक्किम के सिंग्लिंग बस्टी से हैं. 

तमांग ने 1988 में दार्जिलिंग सरकारी कॉलेज से कला क्षेत्र में ग्रेजुएट की डिग्री हासिल की. इसके बाद उन्होंने प्रदेश की ओर से संचालित स्कूल में बतौर शिक्षक नौकरी शुरू कर दी. विवाह की बात करें तो तमांग ने कृष्णा राय से शादी की, उनके बेटे आदित्य तमांग भी राजनीति से जुड़े हैं. सोरेंग-चाकुंग से सिक्किम एसेंबली के मेंबर भी हैं. 

90 के दशक में की राजनीति में एंट्री
प्रेम सिंह तमांग ने सिक्किम सरकार में ही मानव संसाधन विकास विभाग में काम किया. 1993 तक वह इसी पद पर रहे. इसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया और एसडीएफ का अहम हिस्सा बने. इसके बाद वह 1994 में सिक्किम विधानसभा के लिए चुने गए. यही नहीं उन्होंने प्रदेश के युवा संयोजक और उपाध्यक्ष के तौर पर भी काम किया. 

4 फरवरी 2013 में प्रेम तमांग ने एसडीएफ का नाता तोड़कर अपनी पार्टी की स्थापना की. इस स्थापना के साथ ही उन्होंने एक वर्ष बाद हुए विधानसभा चुनाव में 10 सीटों पर जीत दर्ज कर प्रमुख विपक्षी पार्टी का दर्जा भी हासिल कर लिया. हालांकि इसके बाद हुए चुनाव में तो प्रेम सिंग तमांग के नेतृत्व में पार्टी का प्रदर्शन और भी बेहतर हो गया और उन्होंने प्रदेश में पहली बार अपनी सरकार बनाई. 17 सीट जीतने के साथ ही एसकेएम की सरकार में प्रेम सिंह तमांग ने 6ठे मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.