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उद्धव ठाकरे( Photo Credit : फाइल फोटो)
महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद को लेकर बीजेपी शिवसेना के बीच घमासान अपने चरम पर है. एक तरफ जहां शिवसेना 50-50 फॉर्मूले पर अड़ी हुई है तो वहीं देवेंद्र फडणवीस साफ-साफ कह चुके हैं कि महाराष्ट्र में 50-50 फॉर्मूले पर कोई सरकरा नहीं होंगे. अगले 5 सालों तक केवल वही महाराष्ट्र के सीएम होंगे. इ बीच गुरुवार को शिवसेना विधायक दल की बैठक शुरू हो गई है. इस बैठक में शिवसेना विधायक दल का नेता चुना जाएगा. वैसे माना जा रहा है कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे को विधायक दल का नेता चुना जा सकता है.
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Meeting of Shiv Sena leaders underway in Mumbai. The meeting is being chaired by party chief Uddhav Thackeray. pic.twitter.com/OC3RixubVU
— ANI (@ANI) October 31, 2019
वहीं दूसरी तरफ इस बैठक में येभी फैसला हो सकता है कि पार्टी का विधानसभा में नेता कौन होगा. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इसके लिए एकनाथ शिंदे का नाम सबसे आगे चल रहा है. हालांकि, आदित्य ठाकरे को विधायक दल का नेता चुना जा सकता है.
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इससे पहले बुधवार को बीजेपी की विधायक दल की बैठक हुई थी जिसमें देवेंद्र फडणवीस को विधायक दल का नेता चुना गया. विधायक दल के नेता चुने जाने के बाद देवेंद्र फडणवीस ने कहा था, वह पीएम मोदी और अमित शाह का शुक्रिया अदा करते हैं. हमने सन् 2014 और 2019 में फ्रंटफुट पर चुनाव लड़ा और जीता भी है. उन्होंने कहा कि जो भी अफवाहें हैं उनपर ध्यान नहीं देना चाहिए. बीजपा और शिवसेना मिलकर सरकार बनाएंगे. शिवसेना की कुछ डिमांड हैं, उन्हें सुलझा लिया जाएगा.
वहीं शिवसेना की विधायक दल की बैठक से पहले शिनसेना नेता संजय राउत ने कहा, हम अपने स्टैंड से पीछे नहीं हटेंगे. अगर कोई अपने वादे से मुकरा है तो वो है बीजेपी. हम अपनी मांग के साथ ही आगे बढ़ेंगे.
Sanjay Raut, Shiv Sena on 50-50 formula for government formation in Maharashtra: We will not step back from our stand. If anyone has gone back on their promise, it is our ally. We will continue to move forward with our demand. pic.twitter.com/XHaS6wJs4o
— ANI (@ANI) October 31, 2019
इससे पहले संजय राउत ने अपने नए बयान में कहा कि 'महाराष्ट्र की कुंडली तो हम ही बनाएंगे. कुंडली में कौन सा ग्रह कहां रखना है और कौन से तारे जमीन पर उतारने हैं, किस तारे को चमक देना है, इतनी ताकत आज भी शिव सेना के पास है.' उन्होंने ये भी कहा कि व्यक्तिगत फायदा मायने नहीं रखता है, राज्य जरूरी है. जिससे यह माना जा रहा है कि बीजेपी (BJP) और शिवसेना (Shiv Sena) को सत्ता में सहयोग का फॉर्मूला मिल चुका है. उन्होंने आगे कहा कि जिस पार्टी किसी के पास 145 का बहुमत है, चाहे वह कोई भी राजनेता या विधायक हो, महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बन सकता है. राज्यपाल 145 या सबसे बड़ी पार्टी का आंकड़ा रखने वाले को आमंत्रित करेंगे, लेकिन उन्हें सदन के पटल पर बहुमत साबित करना होगा. साथ ही संजय राउत ने कहा कि बीजेपी के साथ उनका गठबंधन चल रहा है.
बता दें, महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए शिवसेना को सिर्फ एनसीपी से ही उम्मीद थी, क्योंकि महाराष्ट्र में NCP ही तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है, जिसके सपोर्ट से शिवसेना सरकार बनाने के करीब पहुंच सकती थी. इस बीच एनसीपी विधायक दल के नेता चुने जाने के बाद शरद पवार के भतीजे अजीत पवार ने बड़ा बयान दिया है. पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि इस समय सभी का ध्यान सरकार को लेकर में है. अजीत पवार ने जोर देकर कहा कि 'हम विपक्ष में बैठेंगे'.
Source : न्यूज स्टेट ब्यूरो
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