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इताहर विधानसभा क्षेत्र बंगाल की महत्वपूर्ण सीट है, जानें समीकरण

इताहर विधानसभा सीट बेलूरघाट के अंतर्गत आती है. इस संसदीय क्षेत्र से सांसद हैं सुकांता मजूमदार, जो भारतीय जनता पार्टी से हैं। उन्होंने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के सुश्री अर्पिता घोष को 33293 से हराया था.

News Nation Bureau | Edited By : Shailendra Kumar | Updated on: 08 Mar 2021, 09:24:28 PM
Goalpokhar Vidhan Sabha Constituency

इताहर विधानसभा क्षेत्र बंगाल की महत्वपूर्ण सीट है (Photo Credit: News Nation)

इताहर:

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ी हुई है. सियासी दल रणनीति बनाने में लगे हुए हैं. इस बार बंगाल में चुनावी मुकाबला तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच माना जा रहा है. बीजेपी और टीएमसी में जमकर सियासी तीर चलाए जा रहे हैं. नेता एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. पश्चिम बंगाल विधानसभा की हर एक सीट पर सियासी दर और प्रत्याशी जीतने का दांव चल रहे हैं. वहीं, इताहर विधानसभा सीट पश्चिम बंगाल की महत्वपूर्ण विधानसभा सीट है, जहां साल 2016 में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी. इस बार इताहर विधानसभा सीट के परिणाम किस पार्टी के पक्ष में होंगे, यह जनता को तय करना है. 

इताहर विधानसभा सीट पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले में आती है. साल 2016 में इताहर में कुल 84 प्रतिशत वोट पड़े. साल 2016 में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस से अमल अचारजी ने कम्‍युनिस्‍ट पार्टी ऑफ इंडिया के श्रीकुमार मुखर्जी को 19120 वोटों के मार्जिन से हराया था. इताहर विधानसभा सीट बेलूरघाट के अंतर्गत आती है. इस संसदीय क्षेत्र से सांसद हैं सुकांता मजूमदार, जो भारतीय जनता पार्टी से हैं। उन्होंने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के सुश्री अर्पिता घोष को 33293 से हराया था.

बीजेपी-टीएमसी के बीच सियासी घमासान
साल 2016 में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का यहां पर दूर-दूर तक नाम-ओ-निशान नहीं था, लेकिन लोकसभा चुनाव 2019 में अमित शाह की अगुवई में बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में धमाकेदार प्रदर्शन किया और 18 सीटें जीतीं जिसके बाद अब यहां पर बीजेपी टीएमसी की सबसे निकटतम प्रतिद्वंदी दिखाई दे रही है. पश्चिम बंगाल के मौजूदा राजनीतिक हालात को देखते हुए कुछ भी कहना मुश्किल है. एक ओर बीजेपी ने पूरी टीएमसी को तोड़कर रख दिया है, मुकुल रॉय, शुभेन्दु अधिकारी सहित टीएमसी के कई दिग्गज नेता अब बीजेपी टीएमसी को छोड़कर बीजेपी का दामन थाम चुके हैं. इस लिहाज से अब जनता ही पश्चिम बंगाल की सियासत का परिणाम बताएगी.

बता दें, साल 2021 के सियासी रण का ऐलान हो चुका है. इस बार के सबसे ज्यादा चर्चित राज्य पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में चुनाव पूरे किए जाएंगे. 294 सीटों पर जनता राज्य की सत्ता के लिए पहला मतदान 27 मार्च को होगा. वहीं, अंतिम चरण 29 अप्रैल को होगा. खास बात है कि मतगणना 2 मई को होगी. फांसीदेवा में मतदान 17 अप्रैल को होंगे. जबकि मतगणना 2 मई को होगी.

First Published : 08 Mar 2021, 09:24:28 PM

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