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महाराष्‍ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद निर्दलीय विधायकों पर डोरे डालने में जुटी BJP-शिवसेना

महाराष्ट्र में चुनाव के बाद एनडीए की सरकार तो आसानी से बन जाएगी लेकिन अभी शिवसेना की 50-50 की शर्त इसमें आड़े आ रही है.

By : Ravindra Singh | Updated on: 28 Oct 2019, 07:09:40 PM
सीएम फडणवीस के साथ उद्धव ठाकरे

सीएम फडणवीस के साथ उद्धव ठाकरे (Photo Credit: फाइल)

नई दिल्‍ली:

महाराष्‍ट्र (Maharashtra) में विधानसभा चुनाव 2019 (Assembly Elections 2019) के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) 105 सीटों के साथ सबसे बड़ा दल बनकर उभरी है जबकि उसके साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली शिवसेना को 56 सीटें मिली हैं. ऐसे में एनडीए की सरकार तो आसानी से बन जाएगी लेकिन अभी शिवसेना की 50-50 की शर्त इसमें आड़े आ रही है. चुनाव परिणाम आने के बाद शिवसेना प्रमुख ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया था कि हम 50-50 की शर्त पर साथ लड़े थे इसलिए इसी फॉर्म्यूले पर चलेंगे मतलब ढाई साल बीजेपी का सीएम रहेगा और ढाई साल शिवसेना का.

वहीं बीजेपी का कहना है कि हम इस चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली पार्टी हैं इसलिए बिना किसी शर्त के बीजेपी सीएम बीजेपी का बनेगा. महाराष्ट्र चुनाव में किसी भी दल को स्‍पष्‍ट बहुमत हासिल न होने की वजह से बीजेपी-शिवसेना (BJP-Shiv Sena) के बीच मुख्‍यमंत्री की कुर्सी को लेकर खींचतान के साथ दबाव बनाने की राजनीति जारी है. दोनों दलों के इस गतिरोध के बीच बीजेपी और शिवसेना निर्दलीय विधायकों को अपने-अपने खेमे में करने में जुटी है. अब तक ऐसे पांच MLA दोनों दलों के समर्थन की बात कह चुके हैं.

अब तक तीन निर्दलीय विधायकों राजेंद्र राउत, रवि राणा और गीता जैन ने बीजेपी को समर्थन देने की बात कही है. गीता जैन ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद बीजेपी को समर्थन देने का ऐलान किया. आपको बता दें कि गीता जैन ठाणे जिले की मीरा भयंदर सीट से जीतीं हैं विधानसभा चुनाव में वह बीजेपी से टिकट चाहती थीं, लेकिन टिकट नहीं मिल पाने पर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और बीजेपी प्रत्याशी नरेंद्र मेहता को शिकस्त दी.

दूसरे निर्दलीय विधायक राजेंद्र राउत भी बीजेपी के बागी प्रत्याशी थे और उन्होंने सोलापुर की बरसी सीट से शिवसेना के प्रत्याशी दिलीप सोपाल को शिकस्त दी थी वहीं तीसरे निर्दलीय विधायक रवि राणा ने अमरावती जिले के बडनेरा सीट पर अपने निकटवर्ती प्रतिद्वंद्वी शिवसेना प्रत्याशी प्रीति बंद को हराया था. इन दोनों निर्दलीय विधायकों ने भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर बीजेपी को समर्थन देने की घोषणा की.


दो निर्दलीय शिवसेना को दिया समर्थन
तीन निर्दलीय विधायकों के बीजेपी को समर्थन देने के बाद दो निर्दलीय विधायकों ने शिवसेना को समर्थन देने की पेशकश की है. मेलघाट से विधायक राजकुमार पटेल ने शिवसेना को समर्थन देने का ऐलान किया है जबक अचलपुर से विधायकर बाच्चु काडु ने भी शिवसेना को समर्थन देने की पेशकश की है. ये दोनों ही विधानसभा सीटें विदर्भ के अमरावती जिले की हैं. काडु प्रहर जनशक्ति पार्टी के प्रमुख हैं.

First Published : 28 Oct 2019, 07:09:40 PM

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