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अब केवल एक बार आयोजित की जाएगी NEET परीक्षा

जेईई मेन की परीक्षा वर्ष में 4 बार ली जा रही है, लेकिन नीट (यूजी) परीक्षा केवल एक बार ही आयोजित की जाएगी. कुछ छात्र नीट में भी अधिक संभावनाएं चाहते थे.

News Nation Bureau | Edited By : Dalchand Kumar | Updated on: 16 Mar 2021, 04:29:09 PM
NEET exam

अब केवल एक बार आयोजित की जाएगी NEET परीक्षा (Photo Credit: फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

जेईई मेन की परीक्षा वर्ष में 4 बार ली जा रही है, लेकिन नीट (यूजी) परीक्षा केवल एक बार ही आयोजित की जाएगी. कुछ छात्र नीट में भी अधिक संभावनाएं चाहते थे. एक विशिष्ट प्रक्रिया के अनुसार शिक्षा मंत्रालय नीट की पात्रता सह प्रवेश परीक्षा केवल एक बार आयोजित करवाएगा. शिक्षा मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के परामर्श से चिकित्सा विज्ञान में स्नातक कार्यक्रम के लिए पात्रता सह प्रवेश परीक्षा 'नीट' आयोजित करता है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ने कहा है कि 2021 में नीट (यूजी) का टेस्ट केवल एक बार लिया जाएगा. नीट परीक्षा एनटीए द्वारा संचालित की जाएगी. एनटीए ने शिक्षा मंत्रालय को सूचित किया है कि उन्हें परीक्षा एक से अधिक बार करवाने के संबंध में कोई ज्ञापन नहीं मिला है.

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विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए आयोजित की जाने वाली नीट परीक्षा नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत करवाई जाएगी. यह परीक्षा रविवार 1 अगस्त को आयोजित की गई है. परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए ने कहा, "एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस, बीएसएमएस, बीयूएमएस और बीएचएमएस पाठ्यक्रमों में दाखिला के लिए नीट (ग्रेजुएट) 2021 आयोजित की जा रही है.

देशभर के मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए आयोजित की जाने वाली नीट परीक्षा नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत 'पेन और पेपर मोड' से हिंदी और अंग्रेजी सहित 11 भाषाओं में आयोजित की जाएगी. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए ने बताया कि इस बार नीट की परीक्षाएं नई शिक्षा नीति को ध्यान में रखते हुए आयोजित की जाएंगी. इसी के चलते यह परीक्षाएं इस बार हिंदी समेत 11 विभिन्न भारतीय भाषाओं में आयोजित करने का फैसला लिया गया है.

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पिछले वर्ष इस परीक्षा के लिए कुल 15.97 लाख उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था. इनमें से लगभग 90 फीसदी परीक्षार्थियों ने एग्जाम दिया था. करीब 14.37 लाख से अधिक उम्मीदवार कोरोना महामारी के बावजूद 13 सितंबर को प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए थे. कंटेनमेंट जोन में होने के चलते जो छात्र परीक्षा नहीं दे पाए थे, उनके लिए 14 अक्टूबर को फिर से परीक्षा का आयोजन किया गया था. इसलिए रिजल्ट में थोड़ी देरी भी हुई.

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First Published : 16 Mar 2021, 04:29:09 PM

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