News Nation Logo
Banner

CBSE 10th Exam: इंग्लिश के पेपर में पूछे गए प्रश्न से पैरेंट्स खफा

छात्रों की ओर से कही जा रही भ्रामक प्रश्नों की बात पर सीबीएसई ने जवाब देते हुए इसे खारिज किया है.

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 13 Dec 2021, 10:49:27 AM
CBSE

इंग्लिश पेपर के प्रश्न से खफा है अभिभावक. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के अन्य नेता भी इस प्रश्न पर हुए खफा
  • सीबीएसई का कहना है कि परीक्षा में कुछ भी भ्रामक और गलत नहीं

नई दिल्ली:  

सीबीएसई बोर्ड के 10वीं कक्षा के अंग्रेजी के टेस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ छात्रों ने आपत्ति जताई है. छात्रों का कहना है कि परीक्षा में भ्रामक प्रश्न पूछे गए हैं. हालांकि सीबीएसई का कहना है कि परीक्षा में कुछ भी भ्रामक और गलत नहीं था. प्रत्येक प्रश्न को स्पष्ट तरीके से पूछा गया और सीबीएसई के स्तर को बरकरार रखा गया है. वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी समेत तमिलनाडु से आने वाली कांग्रेस की नेता लक्ष्मी रामचंद्रन ने भी दसवीं कक्षा के इंग्लिश के टेस्ट को लेकर प्रश्न खड़े किए हैं. लक्ष्मी रामचंद्रन का कहना है कि सीबीएसई द्वारा यहां दसवीं कक्षा के प्रश्नपत्र में महिलाओं के पत्नी रूप के लिए आपत्तिजनक बातें कही गई हैं. उनका कहना है कि सीबीएसई ने अपने एक पैराग्राफ में कुछ इस तरह की बातें लिखीं, जिनसे यह दर्शाया गया कि पत्नी को पति की प्रत्येक आज्ञा का पालन करना चाहिए.

उन्होंने कहा कि यह अपमानजनक रूप से निर्थक पैराग्राफ है. 10वीं सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के पेपर में दिखाई दिया. हम अपने बच्चों को क्या पढ़ा रहे हैं, सीबीएसई को स्पष्टीकरण देना होगा और हमारे बच्चों को इसके लिए उकसाने के लिए माफी मांगनी होगी. छात्रों की ओर से कही जा रही भ्रामक प्रश्नों की बात पर सीबीएसई ने जवाब देते हुए इसे खारिज किया है. सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज के मुताबिक, 10वीं कक्षा के अंग्रेजी के टेस्ट में प्रश्न संख्या 13 और 14 में कोई गलती नहीं है. प्रश्न संख्या 13 और 14 खंड ए के पैसेज 2 का हिस्सा हैं.

सीबीएसई का कहना है कि दोनों प्रश्न 13 और 14 दोनों ही सही हैं और इसमें कोई अस्पष्टता नहीं है. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा 10वीं टर्म-1 बोर्ड के अंग्रेजी विषय की परीक्षा शनिवार 11 दिसंबर 2021 को आयोजित की गई थी. सीबीएसई का कहना है यदि कोविड के कारण दूसरे चरण की परीक्षाएं नहीं हो पाती हैं तो पहले चरण की परीक्षाओं में हासिल किए गए नंबर ही अंतिम माने जाएंगे और इन्हीं के आधार पर रिजल्ट तैयार किया जाएगा.

हालांकि यदि ऐसी कोई स्थिति नहीं आती है और दूसरे चरण की परीक्षाएं भी सीबीएसई द्वारा सफलतापूर्वक आयोजित करा ली गईं, तब फाइनल रिजल्ट इन दोनों परीक्षाओं के अंक 50 -50 फीसदी के हिसाब से तय किए जाएंगे. सीबीएसई ने देशभर के सभी स्कूलों को 23 दिसंबर तक प्रैक्टिकल के अंक अपलोड करने का निर्देश जारी किया है.

First Published : 13 Dec 2021, 10:49:27 AM

For all the Latest Education News, Board Exams News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.