दिल्ली के गाजीपुर और सीमापुरी में IED मिलने के मामले में बड़ा खुलासा 

दिल्ली के ओल्ड सीमापुरी मामले पर बोलते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना ने कहा कि गाजीपुर में पहले IED बरामद हुआ है. उसकी जांच में कुछ सबूत भी मिले हैं, जिसके जरिये ओल्ड सीमापुरी तक हमारी टीम पहुंची है.

दिल्ली के ओल्ड सीमापुरी मामले पर बोलते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना ने कहा कि गाजीपुर में पहले IED बरामद हुआ है. उसकी जांच में कुछ सबूत भी मिले हैं, जिसके जरिये ओल्ड सीमापुरी तक हमारी टीम पहुंची है.

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Mohit Sharma
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delhi police( Photo Credit : File Pic)

दिल्ली के ओल्ड सीमापुरी मामले पर बोलते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना ने कहा कि गाजीपुर में पहले IED बरामद हुआ है. उसकी जांच में कुछ सबूत भी मिले हैं, जिसके जरिये ओल्ड सीमापुरी तक हमारी टीम पहुंची है. उन्होंने कहा कि IED  टेरर मॉड्यूल पर जांच जारी है. ब्लास्ट करने की मंशा से यह दोनो IED अलग अलग जगह रखी गई थी. हमारी टीम जांच कर रही है. उन्होंने कहा कि केस पर ज्यादा जानकारी शेयर नही कर रहे, लेकिन संदिग्धों को जल्द पकड़ा जाएगा. स्पेशल सेल सूत्रों के मुताबिक, सीमापुरी डी-49 में रहने वाले तीन संदिग्धों में एक मौलाना बताया जा रहा है, जिसकी बड़ी दाढ़ी थी, जिस फ्लैट में IED मिला था उसमें रहने वाले 3 किरायेदारों का पुलिस स्केच बनवा रही है..इन सबकी तलाश जारी है.

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दिल्ली पुलिस के अनुसार गाजीपुर में IED रखने वाले रिकॉर्ड संदिग्ध सीसीटीवी कैमरे में हुए थे. उसी फुटेज को ट्रैक करते हुए सीमापुरी के फ्लैट तक पहुंची दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल पहुंची, जहां आईईडी रिकवर हुआ. 14 जनवरी को गाजीपुर फूल मंडी के बाहर बम प्लांट किए जाने के मामले में स्पेशल सेल की इन्वेस्टिगेशन सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पर आगे बढ़ रही थी, जिस जिस रूट पर संदिग्ध दिखाई दिए उस उस रूट के सीसीटीवी कैमरे खंगाले जाते रहे हैं. करीब 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद तलाश सीमापुरी गोल चक्कर पर आकर खत्म हुई वहां से 100 मीटर की दूरी पर संदिग्धों का ठिकाना मिला. 

जिस जगह पर संदिग्ध आतंकी ठहरे थे उस गली के दूसरे सिरे पर यूपी का शहीद नगर लगता है यानी 100 मीटर के फासले पर बिना जांच पड़ताल यूपी बॉर्डर में दाखिल हुआ जा सकता है. आतंकियों ने जानबूझकर इसी जगह को अपना ठिकाना बनाया था ताकि समय आने पर दिल्ली से यूपी की तरफ बिना जांच पड़ताल फरार हो सकें. मकान मालिक हाशिम और प्रॉपर्टी डीलर शमीम उर्फ सानू दोनों ने तीनों संदिग्धों का कोई वेरिफिकेशन नहीं करवाया था..न ही कमरा देने से पहले उनका कोई पहचान पत्र लिया था.. फिलहाल स्पेशल सेल की टीम मकान मालिक और प्रॉपर्टी डीलर से पूछताछ कर रही है. ओल्ड सीमापुरी D 49 नंबर मकान, जहां आईईडी रिकवर हुआ, वहां आज यूपी एटीएस और एनआईए की टीम भी जांच के लिए पहुंची. 

14 जनवरी को जब गाजीपुर में IED मिला तो उसकी जांच करने के लिए ऑपरेशन चलाया गया...इस ऑपरेशन में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के करीब 100 पुलिसकर्मियों को लगाया गया, टीम ने सबसे पहले एक बाइक पहचान की और उस संदिग्ध बाइक का गाजीपुर से मिले सीसीटीवी फुटेज के संभावित रूट पर पीछा करते दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की टीम सुनार वाली गली ओल्ड सीमापुरी पहुंची.

Source : Avneesh Chaudhary

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