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nazi-trial( Photo Credit : news nation)
3000 से ज्यादा कत्ल... कातिल की उम्र 98 साल! ये हैरतअंगेज आंकड़ा जर्मन पुलिस अधिकारियों ने पेश किया है. मामला कत्ल-ए-आम का है, जहां एक 98 साल के शख्स पर 3300 लोगों की हत्या का आरोप है. दरअसल देश की अदालत फिलहाल इस मामले की सुनवाई कर रही है. दावा है कि ये शख्स असल में एडोल्फ हिटलर की क्रूर सेना का हिस्सा था, जिसने दूसरे विश्व युद्ध के दौरान हजारों लोगों को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया...
समय था जुलाई 1943 से फरवरी 1945 के बीच का, जब ये बुजुर्ग शख्स एसएस सेना में काम करता था. ये वो वक्त था, जब दुनिया इन्हें एडोल्फ हिटलर के क्रूर सैनिक के तौर पहचानती थी. बेहद दर्दनाक यातनाएं, वीभत्स बरताव और बात-बात पर कत्ल-ए-आम इनकी फितरत थी, लिहाजा पूरी दुनिया में इनका खौफ जायज था.
दर्दनाक तरीके से हत्या
हूबहू यही हरकत इस शख्स ने भी की थी, उस वक्त इसकी उम्र महज 15 से 19 साल के बीच रही होगी. ये जर्मनी के बर्लिन में उत्तर में स्थित साक्सेनहाउजेन यातना शिविर में बतौर सैनिक तैनात किया गया था. इसपर लगे तमाम आरोपों के मुताबिक, उस वक्त इस शख्स ने एसएस गार्ड के सदस्य के तौर पर हजारों कैदियों की क्रूर और दर्दनाक तरीके से हत्या की थी.
स्कॉलर्स बताते हैं कि साक्सेनहाउजेन यातना शिविर करीब-करीब 200,000 से अधिक लोगों को कैद किया गया था, जिनमें राजनीतिक कैदी, यहूदी और अन्य पीड़ित लोग शामिल थे. इनमें से लगभग 40,000 से 50,000 कैदियों को मौत के घाट उतार दिया गया था.
हालांकि दूसरा विश्व युद्ध बहुत पहले ही खत्म हो गया है, मगर अभी भी उस दौर में हुए कत्ले-ए-आम के आरोपियों पर मुकदमा चलाया जा रहा है. इनमें से कुछ आरोपी तो ऐसे भी हैं, जिनकी मौत हो चुकी है, जबकि जो अभी जिंदा है उनकी उम्र 90 साल के पार है. ऐसे में अदालत को फिलहाल ये तय करना है कि इनपर कार्यवाही की जाए या नहीं.
Source : News Nation Bureau
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