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क्राइम न्यूज Photograph: (Freepik)
गुजरात के भरूच जिले में पुलिस ने एक ऐसे अवैध इमिग्रेशन मामले का खुलासा किया है, जिसमें फर्जी शादी और तलाक के दस्तावेजों के आधार पर एक स्थानीय महिला को UK भेजा गया. यह मामला तब सामने आया जब कथित पति और महिला के परिवार के बीच तय रकम को लेकर विवाद हो गया और शिकायत पुलिस तक पहुंची.
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
पालेज पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर आनंद चौधरी के अनुसार, अक्टूबर 2024 में UK में रह रहे वालण गांव निवासी रिजान मेडा ने पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए अपने दोस्त मिनहाज याकूब उघरधार के माध्यम से जिला पुलिस से संपर्क किया. शिकायत में पैसों के लेनदेन को लेकर मतभेद का जिक्र किया गया था.
फर्जी निकाहनामा और तलाक का खेल
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि फरवरी 2024 में एक सुनियोजित योजना के तहत जंबूसर निवासी तस्लीमाबानू करभारी को मेडा़ की पत्नी दिखाने के लिए फर्जी निकाहनामा तैयार किया गया. इसी दस्तावेज के आधार पर एजेंट शोएब दाऊद इख्खारिया के जरिए UK डिपेंडेंट वीजा के लिए आवेदन किया गया.
वीजा मिलने के बाद बढ़ा विवाद
फर्जी शादी के दस्तावेजों के आधार पर तस्लीमाबानू को UK का वीजा मिल गया और वह वहां चली गई. पुलिस के अनुसार, महिला के परिवार ने इस पूरी प्रक्रिया और नकली तलाक ऑर्डर के लिए 3.5 लाख रुपये देने पर सहमति जताई थी. बाद में रकम को लेकर विवाद गहरा गया.
असली शादी की मंशा और पुलिस तक पहुंच
इंस्पेक्टर चौधरी ने बताया कि बाद में रिजवान मेडा़ खुद की असली शादी कर अपनी वास्तविक पत्नी को UK ले जाना चाहता था. लेकिन भुगतान विवाद सुलझ न पाने के कारण उसने मामले को पुलिस के सामने लाने का फैसला किया.
कोर्ट से फर्जी तलाक आदेश
इसी दौरान तस्लीमाबानू के भाई फैजल ने कांठरिया के वकील साजिद कोठिया से संपर्क कर भरूच की अदालत से एक फर्जी तलाक आदेश हासिल किया. पुलिस के मुताबिक, इसका उद्देश्य यह दिखाना था कि मेडा़ और तस्लीमाबानू का कानूनी रूप से तलाक हो चुका है और वह अब उसकी डिपेंडेंट नहीं है.
UK में भी इस्तेमाल हुए जाली दस्तावेज
पुलिस का आरोप है कि यह फर्जी तलाक आदेश UK में भी असली कोर्ट दस्तावेज के रूप में पेश किया गया. उस समय तस्लीमाबानू UK में अपने भाई फैजल की मदद से रह रही थी, जो पहले से वहां मौजूद है.
गंभीर धाराओं में केस दर्ज
भरूच पुलिस ने रिजवान मेडा़, तस्लीमाबानू, उसके भाई फैजल और वकील के खिलाफ IPC की धारा 467, 468, 471, 120B, 177 और 114 के तहत मामला दर्ज किया है. साथ ही ब्रिटिश हाई कमीशन और दूतावास को भी इस केस की जानकारी देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
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