क्या होता है आर्थिक सर्वेक्षण, इस बार क्या छिपा है राज? देश की अर्थव्यवस्था की सेहत की पूरी रिपोर्ट

Economic Survey: हर साल केंद्रीय बजट से ठीक पहले पेश होने वाला आर्थिक सर्वेक्षण सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं होता, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था का एक्स-रे होता है.

Economic Survey: हर साल केंद्रीय बजट से ठीक पहले पेश होने वाला आर्थिक सर्वेक्षण सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं होता, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था का एक्स-रे होता है.

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Dheeraj Sharma
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Economy Survey

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Economic Survey: हर साल केंद्रीय बजट से ठीक पहले पेश होने वाला आर्थिक सर्वेक्षण सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं होता, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था का एक्स-रे होता है. इसमें सरकार बीते वित्तीय वर्ष की आर्थिक स्थिति, चुनौतियों और आगे की रणनीति का खाका पेश करती है. इस बार के आर्थिक सर्वेक्षण में भी ऐसे कई संकेत और संदेश छिपे हैं, जो आने वाले समय में देश की आर्थिक दिशा तय कर सकते हैं. 

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क्या होता है आर्थिक सर्वेक्षण?

आर्थिक सर्वेक्षण भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा तैयार किया जाने वाला एक आधिकारिक दस्तावेज है. इसे हर साल बजट से एक दिन पहले संसद में पेश किया जाता है. इस रिपोर्ट का मकसद यह बताना होता है कि देश की अर्थव्यवस्था किस दिशा में जा रही है, विकास की रफ्तार कैसी है और किन सेक्टर्स में सुधार या हस्तक्षेप की जरूरत है.यह सर्वेक्षण नीति आयोग, रिज़र्व बैंक, विभिन्न मंत्रालयों और सांख्यिकीय एजेंसियों से जुटाए गए आंकड़ों पर आधारित होता है.

आर्थिक सर्वेक्षण में क्या होता है खास?

आर्थिक सर्वेक्षण में कृषि, उद्योग, सेवा क्षेत्र, रोजगार, महंगाई, विदेशी निवेश, राजकोषीय घाटा और वैश्विक आर्थिक हालात का विस्तार से विश्लेषण किया जाता है. साथ ही इसमें यह भी बताया जाता है कि सरकार की नीतियों का जमीन पर क्या असर पड़ा है.

इस बार के सर्वे में क्या छिपे हो सकते हैं राज?

इस बार के आर्थिक सर्वेक्षण में घरेलू मांग की मजबूती, इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश में तेजी और डिजिटल इकोनॉमी के विस्तार को भारत की बड़ी ताकत बताया गया है. सर्वे में  वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की विकास दर मजबूत बनी होने की बात हो सकती है. 

रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि रोजगार सृजन में सुधार हो रहा है, हालांकि स्किल डेवलपमेंट और निजी निवेश को और बढ़ाने की जरूरत है. 

आम आदमी के लिए क्यों अहम है आर्थिक सर्वेक्षण?

आर्थिक सर्वेक्षण से यह अंदाजा लगता है कि आने वाले बजट में टैक्स, सब्सिडी, महंगाई और सरकारी खर्च को लेकर क्या फैसले हो सकते हैं. यानी यह दस्तावेज आम आदमी की जेब और भविष्य की योजनाओं से सीधे जुड़ा होता है.

नीति निर्धारण की नींव

कुल मिलाकर, आर्थिक सर्वेक्षण सिर्फ बीते साल का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि आने वाले बजट और नीतियों की नींव होता है. इसमें छिपे संकेत यह तय करते हैं कि सरकार आर्थिक मोर्चे पर कौन सा रास्ता अपनाने वाली है.

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