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वीजी सिद्धार्थ पर इतना बड़ा कर्ज- क्या ये है Cafe Coffee Day के मालिक की मौत का कारण?

सिद्धार्थ की जिन एंटिटीज या फर्म को कर्ज था, उसमें गोनीबीडू का 450 करोड़ रुपये, कॉफी डे ग्लोबल का 883 करोड़ और टैंगलिन रिटेल का 798 करोड़ रुपये का कर्ज शामिल है.

News Nation Bureau | Edited By : Vikas Kumar | Updated on: 01 Aug 2019, 03:02:51 PM
VG Siddhartha (File Photo)

VG Siddhartha (File Photo)

highlights

  • वीजी सिद्धार्थ ने टैंगलिन रिटेल रियल्टी डिवेलपर्स, देवदर्शिनी इंफो टेक्नॉलजीज और कॉफी डे ग्लोबल कंपनियों के जरिए लोन लिया था. 
  • टैंगलिन, वीजी सिद्धार्थ की रियल एस्टेट कंपनी है, जिसके पास मैसूर रोड में एक आईटी पार्क है.
  • अमेरिकी प्राइवेट इक्विटी फर्म केकेआर ऐंड कंपनी का सिद्धार्थ की पर्सनल होल्डिंग एंटिटीज में 225 करोड़ रुपये का एक्सपोजर है.

नई दिल्ली:

कैफे कॉफी डे (Coffee Cafe Day) के फाउंडर वी जी सिद्धार्थ (VG Siddhartha) की पर्सनल होल्डिंग एंटिटीज (Personal Holdings) पर चढ़े 5,500 करोड़ रुपये के कर्ज के कारण साउथ इंडियन कैफे ग्रुप पर दबाव बढ़ा है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ डॉक्युमेंट्स के विश्लेषण से ये बात सामने आई है. कॉफी किंग वीजी सिद्धार्थ ने मुख्य रूप से टैंगलिन रिटेल रियल्टी डिवेलपर्स, देवदर्शिनी इंफो टेक्नॉलजीज और कॉफी डे ग्लोबल कंपनियों के जरिए लोन लिया था.
सिद्धार्थ की जिन एंटिटीज या फर्म को कर्ज था, उसमें गोनीबीडू का 450 करोड़ रुपये, कॉफी डे ग्लोबल का 883 करोड़ और टैंगलिन रिटेल का 798 करोड़ रुपये का कर्ज शामिल है.

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टैंगलिन रिटेल रियल्टी डेवेलपमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड और देवदर्शिनी इंफो टेक्नॉलजीज पर स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक का 3,471 करोड़ रुपये का कर्ज है. टैंगलिन, वीजी सिद्धार्थ की रियल एस्टेट कंपनी है, जिसके पास मैसूर रोड में एक आईटी पार्क है. टैंगलिन ने स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक (सिंगापुर) को 25 मार्च 2019 को इंडियन करेंसी में जारी 10-10 लाख रुपये अंकित मूल्य के 30,000 सिक्योर नॉन कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) अलॉट किए थे.

सूत्रों के मुताबिक कि इस साल की शुरुआत में देवदर्शिनी ने स्टैंडर्ड चार्टर्ड से कुछ ऑप्शनली कन्वर्टिबल डिबेंचर्स बायबैक करने के लिए एसएसजी कैपिटल एशिया से लगभग 300 करोड़ रुपये का फंड जुटाया था. दरअसल, फंडिंग के लिए बनाए गए स्ट्रक्चर्ड इंस्ट्रूमेंट्स में दिए गए ऑप्शन के मुताबिक उन्हें कंपनी के शेयरों में बदला जा सकता था. लेकिन ऐसा होने पर सिद्धार्थ को पर्सनल होल्डिंग एंटिटीज का कंट्रोल छोड़ना होता.

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मंगलवार को एक बिजनेस न्यूज पेपर में छपी खबरों के अनुसार, अमेरिकी प्राइवेट इक्विटी फर्म केकेआर ऐंड कंपनी का सिद्धार्थ की पर्सनल होल्डिंग एंटिटीज में 225 करोड़ रुपये का एक्सपोजर है. इन सबके बारे में संपर्क किए जाने पर स्टैंडर्ड चार्टर्ड ने कुछ भी बताने से मना कर दिया.

First Published : 01 Aug 2019, 01:50:07 PM

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